यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन अभी हो नहीं पाया है। इसके पीछे कई कारण हैं। इन सबपर एक नजर...
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सपा और कांग्रेस के लिए गठबंधन इसलिए जरूरी है, क्योंकि समाजवादी पार्टी अभी पिता-पुत्र की आंतरिक कलह से उभरी है, वहीं कांग्रेस यूपी में अपना आधार तलाश रही है। इसी बीच जब सपा ने 208 उम्मीदवारों की सूची जारी की, उससे कांग्रेस में खलबली मच गई थी। वजह यह भी रही कि सपा ने उन सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दिए, जहां कांग्रेस के मौजूदा विधायक हैं।
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प्रशांत किशोर
लखनऊ से दिल्ली तक पार्टी में हड़कंप मच गया और सियासी हलकों में सपा-कांग्रेस का गठबंधन टूट जाने की चर्चाएं चल पड़ीं। सूत्र बताते हैं कि बात फिर सीटों के बंटवारे को लेकर शुरू हुई तो कांग्रेस के चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बीच बात हुई। कांग्रेस की मांग को मानने के लिए सपा ने साफ इनकार कर दिया।
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रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह
- फोटो : amar ujala
सीटों के बंटवारे को लेकर ही सपा का रालोद से गठबंधन नहीं हो पाया। सपा ने आरएलडी को 20 सीटें देने की पेशकश की थी, लेकिन आरएलडी इसके लिए राजी नहीं थी, आरएलडी ने 30 सीटों की मांग रखी थी जो सपा को मंजूर नहीं थी, जिसकी वजह से गठबंधन होने से पहले ही टूट गया था। यही हाल अभी कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर देखा जा रहा है।
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एक चर्चा तो ये भी है कि सपा के कई टिकट के दावेदार तो सूची आने से पहले ही कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं। इनमें एक नाम मीरापुर, मुज़फ्फरनगर के सपा उम्मीदवार शाहनवाज़ राणा कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। शाहनवाज़ मुलायम-अखिलेश दोनों की सूची में शामिल थे। ऐसे ही बिजनौर के सपा नेता शेरबाज खान भी कांग्रेसी हो गए हैं। दोनों को टिकट मिल सकती है।
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फाइल फोटो
- फोटो : PTI
रालोद से ही भले ही सपा का गठबंधन नहीं हो पाया, लेकिन सपा के तीन मौजूदा विधायक दूसरी सूची आने से पहले ही रालोद में शामिल हो गए हैं। रालोद ने सपा विधायक अशफाक अली खान, श्रीभगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित और मुकेश शर्मा को भी उम्मीदवार बनाया है। सपा ने इन विधायकों का टिकट काटकर उनकी जगह नए प्रत्याशी उतारे हैं।
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किरणमय नन्दा
सपा के उपराष्ट्रीय अध्यक्ष किरनमय नंदा ने भी कहा था कि हम कांग्रेस को ज्यादा से ज्यादा 80 सीटें दे सकते हैं। नंदा के मुताबिक वैसे तो कांग्रेस के लिए 54 सीटें ही पर्याप्त हैं लेकिन 80 तक सीटें देने पर विचार किया जा सकता है। हालांकि कांग्रेस के रुख को देखते हुए अखिलेश उन्हें 100 सीटें देने के लिए तैयार हो गए हैं। कांग्रेस 120 पर अड़ी है।
सपा नेता नरेश अग्रवाल ने कहा कि गठबंधन करीब-करीब टूट ही गया है। उन्होंने कहा कि 300 से कम सीटों पर समाजवादी पार्टी चुनाव नहीं लड़ सकती, क्योंकि 250 से ज्यादा हमारे मौजूदा विधायक हैं। हालांकि, कांग्रेस अभी इंकार कर रही है। यूपी कांग्रेस के चुनाव प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कल सुबह तक गठबंधन का पता चल जाएगा।