नागरिकता कानून
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विवाद
नागरिकता संशोधन कानून
12 दिसंबर 2019 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हस्ताक्षर के बाद नागरिकता संशोधन विधेयक ने कानून की शक्ल ले ली। इस कानून के अनुसार पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक रूप से प्रताड़ित हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, ईसाई और पारसी लोगों को आसानी से भारत की नागरिकता मिल सकेगी। इस कानून में मुस्लिमों का नाम नहीं होने से देशभर में लगातार विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है। जिसे कई बड़ी पार्टियों का समर्थन भी प्राप्त है। इन प्रदर्शनों में अबतक 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।