मिराज 2000
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सोवियत संघ से संबंध के कारण विमानों के उत्पादन पर पड़ा प्रभाव
पहले, 150 विमानों की खरीद के लिए फ्रांस के साथ बातचीत चल रही थी, जिसका निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ संयुक्त उत्पादन के तहत होना था। बता दें कि भारत के पास लाइसेंस के तहत मिराज 2000 का उत्पादन करने का विकल्प था जो बाद में सोवियत संघ के साथ देश के घनिष्ठ संबंध के कारण खत्म हो गया था।