मां और बेटी का रिश्ता दुनिया के सबसे खूबसूरत रिश्तों में से एक होता है। इस रिश्ते में प्यार है, अपनापन है, छोटी-छोटी बातों पर होने वाली नोकझोंक है और सबसे बढ़कर ऐसी बातें हैं, जिन्हें याद करके अकेले में भी हंसी छूट जाती है। कभी मां अपनी बेटी को समझाते-समझाते खुद ही उलझ जाती है, तो कभी बेटी अपने मासूम सवालों से मां की बोलती बंद कर देती है। मां के लिए बेटी चाहे कितनी भी बड़ी हो जाए, वह हमेशा छोटी बच्ची ही रहती है। वहीं, बेटी को लगता है कि मां के पास हर सवाल का जवाब तो है, लेकिन उसकी हर बात का समाधान निकालना इतना आसान नहीं है। इन्हें पढ़िए और देखिए कि कैसे मां की समझदारी और बेटी की चतुराई मिलकर हंसी का ऐसा माहौल बनाती हैं, जिसमें हर घर की कोई न कोई कहानी नजर आ जाएगी।
मां की सीख और बेटी का जवाब
मां - बेटा, जिंदगी में हमेशा सोच-समझकर फैसले लेने चाहिए।
बेटी - बिल्कुल मम्मी, इसीलिए तो मैं हर चीज खरीदने से पहले दस बार सोचती हूं।
मां - फिर भी तुम्हारी अलमारी में इतने कपड़े क्यों भरे हैं?
बेटी - क्योंकि सोचने के बाद भी दिल मान ही नहीं रहा था!
मां - वाह! तुम्हारा दिल तो मेरी पूरी सैलरी से ज्यादा जिद्दी है।