जिंदगी की भागदौड़, दफ्तर की डेडलाइन, घर के काम, ट्रैफिक का टेंशन, इन सबके बीच अगर कोई चीज सच में हमारा दिन बचा लेती है, तो वो है हंसी। अच्छी वाली। पेट पकड़कर हंसाने वाली। जो थोड़ी देर के लिए दुनिया की सारी टेंशन ऑफ कर दे और मूड को रीस्टार्ट कर दे।
लेकिन असली दिक्कत ये होती है कि "मजेदार" कंटेंट हर जगह मिलता नहीं। कभी जोक इतना छोटा होता है कि पढ़ते ही खत्म, कभी इतना फीका कि पढ़कर लगता है। भाई, ये क्यों पढ़ लिया? इसलिए आज आपके लिए लाया हूं ऐसे चुटकुले जो न छोटे हैं, न बेमजा। ये वो वाले जोक्स हैं जिन्हें पढ़कर आप खुद मुस्कुराएंगे और दूसरों को भी पढ़ाने का मन करेगा। ये चुटकुले थोड़े लंबे हैं, थोड़े कहानी टाइप हैं, लेकिन हंसी की गारंटी के साथ आते हैं। ऑफिस में बैठे-बैठे, बस-ट्रेन में सफर करते हुए या रात को सोने से पहले कभी भी पढ़ो, मूड एकदम फ्रेश हो जाएगा।
तो चलिए, बिना टाइम वेस्ट किए हंसी की इस छोटी सी दुनिया में घुसते हैं और देखते हैं कि कौन सा चुटकुला आपका फेवरेट बन जाता है। तैयार हो जाइए, क्योंकि अब आने वाली है वो हंसी जो आज का दिन बेहतर बना देगी।
बॉस ने कर्मचारी से कहा, “तुम रोज लेट क्यों आते हो?”
कर्मचारी बोला, “सर, सपने में क्रिकेट खेल रहा था। बैटिंग मेरी थी, तभी अलार्म बज गया।”
बॉस: “तो उठा क्यों नहीं?”
कर्मचारी: “सोचा, पहले शतक पूरा कर लूं। बैटिंग का मौका रोज थोड़ी मिलता है।”