फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CWG 2022: हरियाणे आल्या मै सोना जीतण की लाग्यी हौड, 18 मै तै 9 म्हारे, कुल मेडल में भी एक तिहाई हिस्सेदारी

Mon, 08 Aug 2022 04:43 AM IST
भूपेंद्र सिंह रवींद्र कौशिक, संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

अब तक देश को मिले 18 में से 9 स्वर्ण पदक हरियाणा के, कुल पदकों में भी लगभग तीसरा हिस्सा हरियाणा का है। वर्ष 2018 में ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में देश ने 66 तो हरियाणा के खिलाड़ियों ने नौ स्वर्ण सहित 22 पदक जीते थे। 
विज्ञापन
1 of 5
स्वर्ण पदक विजेता अमित, बजरंग, विनेश, नीतू, सुधीर, दीपक, रवि, नवीन, साक्षी मलिक। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
राष्ट्रमंडल खेलों में म्हारे लाडले छा गए। हरियाणे आल्या मै सोना जीतण की हौड लाग्यी। 18 मै तै 9 गोल्ड मेडल म्हारे लाडले-लाडलियों के हैं। ओलंपिक के बाद राष्ट्रमंडल में भी प्रदेश के खिलाड़ियों ने देश का नाम अंतरराष्ट्रीय फलक पर चमका दिया है। इंग्लैंड के बर्मिंघम में खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से देश को पदक दिला रहे थे। लेकिन तीन दिन पहले जब हरियाणा के गबरू मैदान में उतरे तो हर तरफ अपनी चमक बिखेर दी। देश की महज दो फीसदी आबादी वाला प्रदेश पदक जीतने में सिरमौर है। रविवार शाम तक देश को मिले 18 गोल्ड मेडल में से अकेले हरियाणवियों ने 9 तमगे जीते। इनमें 6 सोने के पदक तो केवल कुश्ती में मिले हैं। 

वहीं मुक्केबाजी में दो और पावर लिफ्टिंग में एक स्वर्ण पदक प्रदेश ने देश की झोली में डाला है। महिला हॉकी टीम में प्रदेश की नौ बेटियों ने कांस्य पदक दिलाने में अहम भूमिका अदा की है। क्रिकेट में भी रजत पदक दिलाने में रोहतक की शेफाली वर्मा का अहम योगदान रहा है। वहीं पुरुष हॉकी में भी प्रदेश के दो व खिलाड़ी शामिल है। दोनों टीमें फाइनल में पहुंच चुकी हैं। देश को रविवार तक तक मिले 55 में से 19 पदक हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते या उनका योगदान रहा है। 
विज्ञापन

2 of 5
कुश्ती में नवीन, विनेश फोगाट और रवि दहिया ने स्वर्ण जीता - फोटो : सोशल मीडिया
राष्ट्रमंडल खेलों की शुरुआत 29 जुलाई को हुई थी। इस दौरान सात दिन तक प्रदेश के इक्का-दुक्का खिलाड़ियों ने ही देश का प्रतिनिधित्व किया। 5 अगस्त से हरियाणा वालों के मुकाबले शुरू हुए तो जैसे सावन में सोने की झड़ी लगा दी। तीन दिन से प्रदेश के खिलाड़ी अपना लोहा मनवा रहे हैं। 5 अगस्त को सुधीर लाठ ने पावर लिफ्टिंग में देश को पहला स्वर्ण पदक दिलाया।

उसके बाद बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक, रवि दहिया, विनेश फौगाट, नवीन मलिक, दीपक पूनिया ने स्वर्ण पदकों की झड़ी लगा दी। रविवार को भी यह सिलसिला जारी रहा और नीतू घनघस व अमित पंघाल ने मुक्केबाजी में दो स्वर्ण पदक दिलाए। हरियाणा के धाकड़ खिलाड़ियों ने साबित कर दिया कि वह हर मैदान को फतह कर सकते हैं। हरियाणा के खिलाड़ियों ने नौ स्वर्ण, एक रजत और सात कांस्य जीते हैं। इससे पहले वर्ष 2018 में प्रदेश के खिलाड़ियों के पदकों की संख्या 22 थी।  
विज्ञापन

3 of 5
नीतू और अमित पंघाल - फोटो : सोशल मीडिया
हरियाणा के पदक विजेता 
स्वर्ण पदक विजेता
सोनीपत के पहलवान बजरंग पूनिया, रोहतक की पहलवान साक्षी मलिक, झज्जर के पहलवान दीपक पूनिया, सोनीपत की पहलवान विनेश फौगाट, सोनीपत के पहलवान नवीन मलिक व रवि कुमार दहिया, सोनीपत के पावर लिफ्टर सुधीर लाठ, रोहतक के मुक्केबाज अमित पंघाल व भिवानी की मुक्केबाज नीतू घनघस ने स्वण पदक जीते हैं। 

4 of 5
पहलवान अंशु मलिक। - फोटो : एएनआई
रजत पदक विजेता 
जींद की पहलवान अंशु मलिक। 
झज्जर के सागर अहलावत। 
इसके अलावा क्रिकेट में भारत ने रजत पदक जीता जिसमें रोहतक की शेफाली वर्मा टीम की अहम हिस्सा रहीं।  
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
पूजा सिहाग और दीपक नेहरा कांस्य पदक विजेता। - फोटो : सोशल मीडिया
कांस्य पदक विजेता
सोनीपत की पहलवान पूजा गहलावत, भिवानी के पहलवान मोहित ग्रेवाल, रोहतक के पहलवान दीपक नेहरा, हांसी की पहलवान पूजा सिहाग, भिवानी की मुक्केबाज जैस्मिन, महेंद्रगढ़ के पैदल चाल एथलीट संदीप पूनिया ने कांस्य पदक जीते। वहीं महिला हॉकी टीम ने कांस्य पदक जीता है, जिसमें सोनीपत की खिलाड़ी नेहा गोयल, ज्योति, मोनिका मलिक व निशा वारसी, सिरसा की सविता पूनिया, हिसार की शर्मिला व उदिता, कुरुक्षेत्र की नवजोत और नवनीत शामिल हैं। 

पुरुष हॉकी और महिला क्रिकेट में सोना या चांदी पक्की 
हॉकी के फाइनल में पहुंच चुकी पुरुष टीम में प्रदेश के दो खिलाड़ी हैं, जिनमें सोनीपत के अभिषेक व करनाल से सुरेंद्र शामिल हैं। टीम स्वर्ण की प्रबल दावेदार हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें