सिरसा में 11 किलोमीटर में तीन गांवों के पास चार स्थानों पर घग्गर नदी के तटबंध टूटे हैं। पांच हजार एकड़ फसल जलमग्न हुई है। फरवाई कलां से नेशनल हाईवे का साइफन बंद किया गया है। फतेहाबाद के गांव दीवाना में तीन जगह किसानों ने सड़क तोड़ी है।
विज्ञापन
1 of 7
गांव तलवाड़ा के पास बहता पानी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बारिश के चलते घग्गर नदी का जलस्तर बढ़ने से सिरसा और फतेहाबाद में जलप्रलय के हालात हैं। सिरसा में घग्गर नदी के 11 किलोमीटर के दायरे में तीन जगह से बड़े, जबकि एक जगह से छोटा तटबंध टूट चुका है, जिस कारण पांच गांवों में जलभराव के हालात हैं। फतेहाबाद के गांव दीवाना में लोगों ने आबादी तक पानी न पहुंचे इसके लिए शनिवार को कुलां से जाखल जाने वाले मार्ग को तीन जगह से तोड़ दिया, जिस कारण पानी चिम्मो की ओर रुख कर गया है। जाखल शहर व गांव के अलावा आठ गांव ऐसे हैं, जिनका संपर्क अन्य क्षेत्रों से कट गया है।
घग्गर नदी में सरदूलगढ़ से सिरसा की तरफ अभी 48 हजार क्यूसेक पानी पहुंच रहा है, जबकि घग्गर की क्षमता केवल 30 हजार क्यूसेक की है। शुक्रवार की रात ढाई बजे पनिहारी गांव के पास 150 फुट लंबाई में घग्गर का तटबंध टूट गया, जिस कारण मुसाहिबवाला, पनिहारी, बुर्जकर्मगढ़, फरवाई कलां, फरवाई खुर्द और इसके बाद नेजाडेला खुर्द के खेतों में पानी पहुंच गया है।
विज्ञापन
2 of 7
कडैल-वलरा रोड के पास जलमग्न खेत।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मुसाहिबवाला में एक और रंगा गांव में दो स्थानों पर तटबंध टूट गया। उधर, प्रशासन ने पंजाब की तरफ जाने वाले बरनाला रोड के नीचे के साइफनों के आगे मिट्टी डालकर बंद कर दिया। इस पर शनिवार को ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ रोष जताते हुए कार्य को बंद करवाने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने हाईवे काे जाम कर दिया।
विज्ञापन
3 of 7
रत्ताथेह के पास धारसूल की ओर टूटा रंगोई नाला।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद में कुलां चौकी के पास से बड़े वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। बड़े पैमाने पर गांवों की ढाणियों में लोगों को एनडीआरएफ व डेरा सच्चा सौदा की ग्रीन ऐस वेलफेयर कमेटी की ओर से रेस्क्यू किया जा रहा है। जाखल के लगभग सभी गांवों में पानी भर चुका है।
4 of 7
गांव दीवाना के खेतों के रास्ते पर भरा घग्गर का पानी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चांदपुरा साइफन पर फिलहाल घग्गर का पानी 22 हजार 490 क्यूसेक तक चल रहा है। रंगोई व जोया नाले में पानी ओवरफ्लो हो चुका है। बाढ़ग्रस्त गांवों की ढाणियों से 13 लोगों व आठ मवेशियों को रेस्क्यू किया गया। रतिया के गांव लांबा व करंडी के बीच ग्रामीणों ने ड्रेन को बंद कर दिया।
विज्ञापन
5 of 7
गांव साधनवास से बच्चों को सुरक्षित बाहर लेकर आए बचाव दल के सदस्य।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तेलीवाड़ा में घग्गर का पुल टूट गया, जिससे पानी खेतों की ओर बढ़ गया। रतिया में घग्गर का तटबंध टूटने के कारण पानी गांव कंवलगढ़, कमाना, लाली, लालवास, रतनगढ़ गांव के खेतों में करीब दो से तीन फुट तक भर गया है।
विज्ञापन
6 of 7
जाखल के कासिमपुर रोड पर बाढ़ के पानी से गुजरता साइकिल सवार।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जिले के किसी भी गांव की आबादी में जलभराव नहीं है। गांवों के तटबंध मजबूत किए जा रहे हैं, इसके लिए विभिन्न प्रकार की टीमें काम कर रही हैं। राहत कार्यों में एनडीआरएफ की दो टीमें भी लगाई गई हैं। लोगों को पेयजल और खाद्य सामग्री की कोई दिक्कत नहीं है। फतेहाबाद शहर में पानी पहुंचने की अभी संभावना नहीं है। -मनदीप कौर, डीसी, फतेहाबाद
गांव फरवाई कलां में बाढ़ का खतरा होने के कारण घर से सामान बाहर निकालते हुए ग्रामीण ।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घग्गर नदी पर चार जगह से तटबंध टूटने के कारण खेतों में जलभराव हो चुका है। गांवों में अभी तक पानी नहीं पहुंचा है। अगर किसी भी तरह की परेशानी आती है तो इसके लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। प्रशासन घग्गर नदी के साथ लगे 49 गांवों के लोगों से लगातार संपर्क में है। - पार्थ गुप्ता, उपायुक्त, सिरसा