आरोप है कि ठेकेदार की ड्रीलिंग से सब-ब्रांच टूटी है। गांव मायना में शुक्रवार सुबह हादसा हुआ, 150 एकड़ गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। ग्रामीणों ने ठेकेदार व सिंचाई विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
हरियाणा के रोहतक जिले के गांव मायना के नजदीक भालौठ सब-ब्रांच टूटने से गांव की 150 एकड़ गेहूं की फसल में पानी भर गया। पानी से फसल बचाने के लिए खेत की मेड़ मजबूत कर रहे किसान की मौत हो गई। 59 वर्षीय भूपसिंह मुंह के बल पानी में गिरा मिला। आरोप है कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों से अनुमति लेकर नगर निगम का ठेकेदार भालौठ सब ब्रांच के नीचे से पाइप लाइन दबाने के लिए ड्रीलिंग कर रहा था। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
गांव की महिला सरपंच प्रतिनिधि प्रवीण ने बताया कि गांव के पास से झज्जर की तरफ भालौठ सब-ब्रांच गुजरती है, जिसमें शुक्रवार सुबह आधी मात्रा में पानी चल रहा था। करीब सात बजे ग्रामीणों को सूचना मिली कि ठेकेदार ब्रांच के नीचे से पेयजल लाइन दबाने के लिए ड्रीलिंग कर रहा था। इसी बीच नहर की पटरी में रिसाव हो गया। देखते ही देखते पानी खेतों में बहने लगा।
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नहर टूटी।
- फोटो : अमर उजाला
अपनी फसल को बचाने के लिए ग्रामीण दौड़ पड़े। भूप सिंह भी पानी से फसल बचाने के लिए खेत की मेड़ मजबूत करने लगा। अचानक उसकी सांस फूल गई और मुंह के बल पानी में ही गिर गया। जब किसानों को काफी देर तक वह दिखाई नहीं दिया तो खेत में जाकर देखा तो भूप सिंह मुंह के बल पड़ा था। ग्रामीण उसे लेकर पीजीआई पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया। सूचना पाकर शिवाजी कॉलोनी थाने से पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया।
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‘मेरे पिता की मौत ठेकेदार की लापरवाही से हुई, कार्रवाई करे पुलिस’
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किसान भूप सिंह की मौत के बाद अस्पताल के बाहर जमा परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
मैं प्राइवेट नौकरी करता हूं। सुबह ड्यूटी पर चला गया। पड़ोसियों ने बताया कि नहर टूटने पर पिता भूप सिंह खेत में मेड़ मजबूत कर रहे थे। मुंह के बल पानी में गिर गए, जिससे उनकी मौत हो गई। ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाए। - कृष्ण कुमार, निवासी मायना
गांव में न केवल एक किसान की मौत हो गई, बल्कि 150 एकड़ गेहूं की फसल जलमग्न हो गई है। नगर निगम का ठेकेदार सिंचाई विभाग की अनुमति से नहर के नीचे से पाइप लाइन दबाने के लिए ड्रीलिंग कर रहा था। इस कारण नहर टूटी है। आरोपी ठेकेदार व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। - प्रवीण कुमार, प्रतिनिधि महिला सरपंच, गांव मायना
सिंचाई विभाग दे मुआवजा, निकाला जाए पानी
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खेतों में भरा पानी।
- फोटो : अमर उजाला
सिंचाई विभाग व ठेकेदार की लापरवाही से न केवल किसान की जान चली गई, बल्कि सैकड़ों एकड़ गेहूं की फसल में पानी भर गया। इससे फसल खराब होने का अंदेशा हो गया है। सिंचाई विभाग न केवल किसानों को मुआवजा दे, बल्कि पानी की निकासी की व्यवस्था करे। -प्रीत सिंह, जिला अध्यक्ष अखिल भारतीय किसान सभा
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रजवाहे में मिट्टी लगा पानी रोकने का प्रयास करते किसान।
- फोटो : अमर उजाला
किसान भूप सिंह के शव का पोस्टमार्टम करवाया गया है। डॉक्टरों नेे विसरा जांच के लिए भेजा है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी किसी के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया गया है। -इंस्पेक्टर शमशेर सिंह, थाना प्रभारी शिवाजी कॉलोनी
अमृत योजना के तहत निगम पेयजल लाइन बिछा रहा है। सिंचाई विभाग से निगम ने भालौठ सब-ब्रांच के नीचे से पाइप लाइन बिछाने की एनओसी ली थी। नियमों के तहत ठेकेदार को नहर पूरी तरह बंद होने के बाद काम शुरू करना था। 630 क्यूसेक क्षमता की नहर में शुक्रवार को 100 क्यूसेक पानी चल रहा था। इसके बावजूद ठेकेदार ने नहर के नीचे से ड्रीलिंग शुरू कर दी। इससे पटरी में कटाव हो गया। निगम प्रशासन को ठेकेदार की लापरवाही के लिए पत्र लिखा है। -प्रमोद शर्मा, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग