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Rohtak: सीवरेज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के टैंक में 2 श्रमिकों की जहरीली गैस से मौत, खराब मोटर निकालने उतरे थे

Sat, 10 Sep 2022 10:09 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)

सार

आईटीएमटी थाना प्रभारी कैलाश चंद ने बताया कि शनिवार दोपहर करीब 12 बजे सूचना मिली कि आईएमटी में एचएसआईडीसी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) है।
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रूपक (23) व देवेंद्र (23) का फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
हरियाणा के रोहतक में आईएमटी स्थित सीवरेज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के सेफ्टी टैंक में शनिवार दोपहर खराब मोटर निकालने के लिए बिना सुरक्षा उपकरणों के उतरे दो श्रमिकों अटायल निवासी रूपक (23) व देवेंद्र (23) की जहरीली गैस के असर से मौत हो गई। साढ़े पांच घंटे की जद्दोजहद के बाद शवों को गोताखोरों की मदद से टैंक से बाहर निकाला जा सका।

ग्रामीणों ने प्लांट के ठेकेदार संजय जैन, मैनेजर हिमांशु शर्मा व सीवरेज लाइन इंचार्ज सुनील पांचाल को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। आरोप है कि हिमांशु व सुनील ने नौकरी से निकालने की धमकी देकर जबरन युवकों को नीचे उतारा। पुलिस ने केस दर्ज कर एफआईआर की कॉपी परिजनों को सौंपी, तब ग्रामीणों ने पुलिस को शव उठाने दिए। 

आईटीएमटी थाना प्रभारी कैलाश चंद ने बताया कि शनिवार दोपहर करीब 12 बजे सूचना मिली कि आईएमटी में एचएसआईडीसी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) है। वहां पर सांपला खंड के गांव अटायल निवासी 21 वर्षीय रूपक व 19 वर्षीय देवेंद्र नौकरी करते थे। दोनों सेफ्टी टैंक में मोटर निकालने उतरे थे, लेकिन बेहोश होकर टैंक में गिर गए।

सूचना पर एएसपी सांपला मेधा भूषण, एसडीएम राकेश सैनी व सांपला के तहसीलदार गुलाब सिंह मौके पर पहुंचे। गैस के प्रभाव के चलते किसी की हिम्मत नहीं हुई कि टैंक के अंदर घुसकर युवकों की तलाश की जाए। पांच घंटे की जद्दोजहद के बाद गोताखोरों की टीम को बुलाया गया। करीब साढ़े 4 बजे शव बाहर निकाले जा सके। ग्रामीण अड़ गए कि जब तक जिम्मेदार ठेकेदार, मैनेजर व सीवरेज टैंक इंचार्ज के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस एफआईआर की कॉपी नहीं देगी, तब तक वे शव नहीं उठाने देंगे। 
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युवकों को निकालने की तैयारी करते हुए। - फोटो : अमर उजाला
पिता बोला-नौकरी से निकालने की धमकी देकर जबरन उतारा टैंक में, एक माह बाद बंधना था सेहरा 
पुलिस के मुताबिक अटायल गांव निवासी सुरेंद्र उर्फ सिकंदर ने बताया कि उसके छह बच्चे हैं। इसमें तीन लड़के व तीन लड़की हैं। सबसे बड़ा लड़का देवेंद्र आईएमटी स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में माली की नौकरी करता था। जहां गांव का युवक 23 वर्षीय रूपक, प्रेम नगर निवासी नरेश, बोहर निवासी जयसिंह व अटायल निवासी कपिल हेल्पर की नौकरी करते थे। एक माह बाद रूपक की शादी होनी थी।

दोपहर करीब 11 बजे मैनेजर हिमांशु व सीवरेज लाइन इंचार्ज सुनील ने उन्हें सेफ्टी टैंक में मोटर बदलने के लिए उतरने के लिए कहा। सभी ने जहरीली गैस होने की बात कहकर इनकार कर दिया। आरोप है कि दोनों ने जातिसूचक गालियां देते हुए नौकरी से निकालने की धमकी दी। जबरन पहले रूपक को नीचे उतरा। जैसे ही वह रस्सी के सहारे नीचे गया, गैस के प्रभाव से पांच मिनट में हर रूपक की पकड़ ढीली होने लगी। तुरंत आरोपियों ने देवेंद्र को नीचे उतार दिया। दोनों बेहोश होकर नीचे सीवरेज के पानी में जा गिरे। 
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रो-रोकर घटना के बारे में बताती ताई। - फोटो : अमर उजाला
ताई फूट-फूट कर रोई, बोली-रूपक दो मिनट में आने की कहकर गया था 
प्लांट के अंदर पहुंची राधा नाम की महिला ने बताया कि वह भी यहां काम करती है। रूपक व देवेंद्र बहुत मिलनसार थे। उसे ताई कहकर बोलते थे। उसने रूपक को बोला था कि बेटा चाय पी ले। उसने कहा था कि वह दो मिनट में आता है, लेकिन उसके क्या पता था कि अब कभी लौटकर नहीं आएगा। वहीं, साथी श्रमिक जयसिंह ने कहा कि पूरे मामले में लापरवाही बरती गई है। सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। 

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मांगों को लेकर अधिकारियों से बातचीत करते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
सैकड़ों ग्रामीण पहुंच गए प्लांट में 
अटायल गांव में एक साथ दो युुवकों की मौत की सूचना पर ग्रामीण सकते में आ गए। गांव के युवक सुनील ने बताया कि वह खेत में बाजरा काट रहा था। अचानक हादसे की सूचना मिली। दौड़कर प्लांट में पहुंच गया। दोनों परिवारों को न्याय मिलना चाहिए। इसके अलावा खरावड़ व बलियाना के भी ग्रामीण पहुंच गए। महिलाएं गेट पर बैठ गई, ताकि केस दर्ज होने से पहले पुलिस शव न ले जा सके। 

पुलिस ने ठेकेदार, मैनेजर व सीवरेज लाइन इंचार्ज के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट व गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया है। शवों को पीजीआई के डेड हाउस में रखवाया गया है। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। एएसपी सांपला मेधा भूषण खुद मामले की जांच पड़ताल कर रही हैं।  - उदय सिंह मीना, एसपी रोहतक
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धरने पर बैठीं महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
आईएमटी में छह माह में तीसरा बड़ा हादसा 
शहर के औद्योगिक क्षेत्र आईएमटी में छह माह के अंदर यह तीसरा बड़ा हादसा है। 12 अप्रैल 2022 को बिहार के चंपारण निवासी अर्जुन (26) और यूपी के लखनऊ निवासी मनोज (25) की आगजनी में मौत हो गई थी। 18 जुलाई 2022 को आईएमटी स्थित कार-बाइक के कलपुर्जे बनाने वाली कंपनी का बॉयलर फट गया था, जिसमें यूपी सोनभद्र निवासी 21 वर्षीय बिजेंद्र व प्रयागराज निवासी 27 वर्षीय रमेश यादव की मौत हो गई थी। बाद में तीसरे श्रमिक ने भी दम तोड़ दिया था। अब तीसरा हादसा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में हुआ है, जहां दो श्रमिकों की जान चली गई। इसके बावजूद एचएसआईडीसी या जिला प्रशासन की तरफ से श्रमिकों की सुरक्षा के लिए पुख्ता कदम नहीं उठाये जा रहे हैं।
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