हरियाणा के रोहतक में आईएमटी स्थित सीवरेज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के सेफ्टी टैंक में शनिवार दोपहर खराब मोटर निकालने के लिए बिना सुरक्षा उपकरणों के उतरे दो श्रमिकों अटायल निवासी रूपक (23) व देवेंद्र (23) की जहरीली गैस के असर से मौत हो गई। साढ़े पांच घंटे की जद्दोजहद के बाद शवों को गोताखोरों की मदद से टैंक से बाहर निकाला जा सका।
ग्रामीणों ने प्लांट के ठेकेदार संजय जैन, मैनेजर हिमांशु शर्मा व सीवरेज लाइन इंचार्ज सुनील पांचाल को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। आरोप है कि हिमांशु व सुनील ने नौकरी से निकालने की धमकी देकर जबरन युवकों को नीचे उतारा। पुलिस ने केस दर्ज कर एफआईआर की कॉपी परिजनों को सौंपी, तब ग्रामीणों ने पुलिस को शव उठाने दिए।
आईटीएमटी थाना प्रभारी कैलाश चंद ने बताया कि शनिवार दोपहर करीब 12 बजे सूचना मिली कि आईएमटी में एचएसआईडीसी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) है। वहां पर सांपला खंड के गांव अटायल निवासी 21 वर्षीय रूपक व 19 वर्षीय देवेंद्र नौकरी करते थे। दोनों सेफ्टी टैंक में मोटर निकालने उतरे थे, लेकिन बेहोश होकर टैंक में गिर गए।
सूचना पर एएसपी सांपला मेधा भूषण, एसडीएम राकेश सैनी व सांपला के तहसीलदार गुलाब सिंह मौके पर पहुंचे। गैस के प्रभाव के चलते किसी की हिम्मत नहीं हुई कि टैंक के अंदर घुसकर युवकों की तलाश की जाए। पांच घंटे की जद्दोजहद के बाद गोताखोरों की टीम को बुलाया गया। करीब साढ़े 4 बजे शव बाहर निकाले जा सके। ग्रामीण अड़ गए कि जब तक जिम्मेदार ठेकेदार, मैनेजर व सीवरेज टैंक इंचार्ज के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस एफआईआर की कॉपी नहीं देगी, तब तक वे शव नहीं उठाने देंगे।