हरियाणा में सूरजमुखी की एमएसपी पर खरीद की मांग को लेकर मंगलवार को किसानों ने दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर शाहाबद में जाम कर दिया। दोपहर से देर शाम सात घंटे तक हाईवे जाम करके बैठे रहे। देर शाम पुलिस-प्रशासन ने पहले किसानों को हाईवे खाली करने के लिए कहा और जब वे नहीं हटे तो पहले किसानों पर वाटर कैनन से पानी की बौछार की गई। फिर लाठीचार्ज कर खदेड़ दिया गया। लाठीचार्ज में 30 से अधिक किसान जख्मी हुए हैं। पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन के प्रधान गुरनाम सिंह चढूनी सहित 100 से ज्यादा किसानों को हिरासत में लिया है। किसान कल हुए लाठीचार्ज से गुस्साये हुए हैं। खबर है कि किसान आज फिर सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, बराड़ा रोड पर शहीद उधम सिंह हाल में मंगलवार सुबह किसानों की महापंचायत शुरू हुई। यहां किसानों से चर्चा के बाद गुरनाम सिंह चढूनी ने प्रशासन को 12 बजे तक का अल्टीमेटम दिया। साथ ही कहा कि अगर सरकार की तरफ से कोई सकारात्मक संदेश है तो प्रशासन किसानों तक पहुंचाए।
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कुरुक्षेत्र में किसानों का प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
इस बीच चढूनी ने एसडीएम कपिल शर्मा और डीएसपी रणधीर सिंह के साथ बैठक भी की, लेकिन वार्ता बेनतीजा रही। करीब 12.15 बजे डीसी शांतनु शर्मा और एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया किसानों के बीच पहुंचे। वे भी आश्वस्त नहीं कर पाए तो चढूनी ने सड़क जाम की घोषणा कर दी।
इससे पहले किसानों को रोकने के लिए पुलिस-प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे, लेकिन हजारों किसान दोपहर करीब 12.30 बजे नेशनल हाईवे पर पहुंच गए और दोनों तरफ से जाम लगा दिया। किसानों को रोकने के पुलिस के सभी इंतजाम धरे रह गए। हाईवे जाम करने के बाद प्रदर्शनकारी किसानों का नेतृत्व कर रहे चढूनी ने एलान किया कि उन्हें हाईवे से हटाने के लिए बल प्रयोग किया गया तो पूरे प्रदेश को बंद कर दिया जाएगा।
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किसानों को हाईवे से उठाते पुलिसकर्मी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
देर शाम करीब सात बजकर पांच मिनट पर एसडीएम कपिल शर्मा ने किसानों से हाईवे खाली करने की अपील की। उन्होंने हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला दिया। अल्टीमेटम देते हुए कहा कि पांच मिनट में हाईवे खाली करना होगा अन्यथा पुलिस कार्रवाई करेगी। किसान इस पर भी नहीं मानें तो सवा सात बजे पुलिस ने पहले किसानों पर वाटर कैनन की बौछारें छोड़ीं और इसके साथ ही लाठीचार्ज शुरू कर दिया। लाठीचार्ज में कई किसान घायल बताए जा रहे हैं।
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शाहाबाद में पुलिस प्रशासन द्वारा बराड़ा चौक पर किसानों को रोकने के लिए की गई व्यवस्था।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जाम के दौरान बिगड़ी तबियत, किसान की मौत
वहीं करनाल के असंध क्षेत्र में नेशनल हाईवे 709-ए पर जयसिंहपुरा में मंगलवार देर रात जब किसान जाम लगाने पहुंचे तो सड़क पर दरी बिछाने के दौरान ही जयसिंहपुरा गांव के एक किसान विक्रम सिंह (45) के सीने में अचानक तेज दर्द हुआ। सूचना पर परिजन भी पहुंचे। उसे उसी समय असंध के निजी चिकित्सालय में ले जाया गया, लेकिन वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। किसान नेता छत्रपाल सिंधड़ ने बताया कि किसान विक्रम सिंह को संभवत: हार्ट अटैक आया है।
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गुरनाम सिंह चढूनी
- फोटो : ANI (File)
चढ़ूनी के वीडियो संदेश के बाद नौ जिलों में हाईवे जाम, रात को खुलवाया
चढूनी को पहले ही लाठचार्ज की आशंका थी, इसके चलते उन्होंने वीडियो संदेश जारी कर ऐसी कार्रवाई के विरोध में प्रदेश भर में जाम लगाने का संदेश दिया था। जैसे ही अन्य जिलों में किसानों को लाठीचार्ज का जानकारी मिली तो कुरुक्षेत्र में लाडवा, पिहोवा और इस्माईलाबाद में नेशनल हाईवे 152 डी, यमुनानगर में दो जगह, कैथल व करनाल में एक जगह, पानीपत के इसराना में, हिसार के उकलाना में, सोनीपत में तीन, झज्जर में एक और रोहतक में हिसार रोड पर स्थित महम के नजदीक हाईवे पर जाम लगा दिया गया। कुछ जगहों पर पुलिस ने कुछ देर बाद ही जाम खुलवा दिए।
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पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
हाईकोर्ट का कड़ा रुख, देश की लाइफ लाइन को बाधित न होने दे सरकार
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से कहा कि नेशनल हाइवे देश की लाइफ लाइन है और इसे किसी भी हालत में बाधित न होने दिया जाए। सरकार सुनिश्चित करे कि इस पर न तो यातायात बाधित हो और न ही जनता को असुविधा हो। हालांकि ऐसा करते हुए प्रशासन अत्यधिक संयम बरते और बल प्रयोग अंतिम उपाय के रूप में ही इस्तेमाल हो। कोर्ट ने इस बारे में मुख्य सचिव को रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश भी दिया है। किसानों के हाईवे जाम करने से क्षेत्र पर पडऩे वाले व्यापक प्रभाव को देखते हुए कुरुक्षेत्र के रणदीप तंवर ने अर्जी दाखिल करते हुए तत्काल सुनवाई की मांग की थी।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
कोर्ट को बताया गया कि यह राष्ट्रीय राजमार्ग न केवल हरियाणा बल्कि पंजाब, जम्मू और कश्मीर, हिमाचल और चंडीगढ़ के साथ राष्ट्रीय राजधानी को जोड़ता है। कोर्ट में यह तर्क दिया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग को आंदोलनकारियों द्वारा अवरुद्ध नहीं किया जा सकता है। पिछले साल सितंबर माह में भी यहां पर राजमार्ग अवरोध किया गया था और याची ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी जो अभी भी विचाराधीन है। उस समय हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया था कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 44 को बिना किसी बाधा के यातायात और आवाजाही के लिए खुला रखा जाए, ताकि जनता को असुविधा न हो।
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किसानों पर पानी की बौछारें, विधायक रामकरण, भूपेंद्र सिंह हुड्डा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आज खरीद शुरू न हुई तो इस्तीफा दे दूंगा: चेयरमैन
हरियाणा शुगरफेड के चैयरमेन एवं शाहाबाद के विधायक रामकरण ने लाठीचार्ज की निंदा की है। कहा, मुख्यमंत्री के समक्ष मांग रखी थी, लेकिन उन्होंने उनकी और किसानो की मांग नहीं मानी। अगर बुधवार तक प्रखरीद एमएसपी पर शुरू नहीं हुई, तो वह इस्तीफा दे देंगे ।
तीन किसान चंडीगढ़ पीजीआई रेफर
लाठीचार्ज में घायल 3 किसानों को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया इनमें रणजीत सिंह वासी गांव बहावी की हालत गंभीर है। शाहबाद के स्वास्थ्य केंद्र में 24 किसान देर रात तक उपचाराधीन थे। वहीं 10 से ज्यादा किसान एलएनजेपी अस्पताल मे रेफर पर किए गए। हिरासत में लिया के किसानों में गुरनाम सिंह चढ़ूनी, प्रदेश प्रवक्ता राकेश बैस, जसवीर सिंह मामू माजरा व प्रिंस बड़ैच सहित अन्य किसान शामिल रहे।
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हरियाणा के सीएम मनोहर लाल
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सूरजमुखी की खरीद के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। हैफेड के चेयरमैन कैलाश भगत ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। किसानों का किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। सरकार किसानों के साथ मजबूती के साथ खड़ी है। -मनोहर लाल, मुख्ममंत्री, हरियाणा
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हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा।
- फोटो : अमर उजाला
लाठीचार्ज निदंनीय है। क्या एमएसपी की मांग करना गुनाह है? 6400 रुपये एमएसपी की फसल किसान 4 हजार से 5 हजार रुपये में बेचने को मजबूर हैं। गिरफ्तार किसानों को तुरंत रिहा किया जाए और एमएसपी पर सूरजमुखी की खरीद शुरू की जाए। -भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री।
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सोनीपत में रोड जाम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
किसानों पर लाठीचार्ज के विरोध में नौ जिलों में 14 जगह हाईवे जाम
सूरजमुखी की एमएसपी पर खरीद की मांग को लेकर कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में हाईवे जाम करने वाले किसानों पर लाठीचार्ज की जानकारी मिलते ही लोग सड़क पर उतर आए। प्रदेश के नौ जिलों में हाईवे पर 14 जगह जाम लगाकर पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए हिरासत में लिए गए किसानों को तत्काल छोड़ने की मांग की गई। हालांकि अधिकतर जगहों पर रात 10.30 बजे तक पुलिस ने जाम खुलवा दिया था। कुरुक्षेत्र में शाहाबाद के अलावा किसानों ने इस्माईलाबाद, लाडवा और पिहोवा में हाईवे पर जाम लगाया। यमुनानगर में सहारनपुर-पंचकूला हाईवे पर सुडल गांव जाट चौक पर जाम लगाया। इसके अलावा सढौरा-बराड़ा रोड पर गांव सरावा में जाम लगाया गया। कैथल जिले में किसानों ने चीका में टटियाना पर जाम लगा दिया गया। पुलिस ने किसानों को हिरासत में लेकर हाईवे खाली कराया।
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सढौरा के गांव सरावा में सड़क पर जाम लगाकर बैठे किसान
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सोनीपत के गन्नौर क्षेत्र में भाकियू के सदस्यों ने गांव सरढ़ाना के निकट खुबडू रोड जाम कर दिया। गोहाना क्षेत्र में गांव भैंसवान खुर्द के पास रोहतक मार्ग और गांव कथूरा के पास महम रोड जाम किया गया। झज्जर स्थित बेरी के भागलपुरी चौक पर भाकियू की महिला जिलाध्यक्ष ममता कादयान के नेतृत्व में किसानों ने सड़क जाम कर दी। रोहतक-हिसार रोड पर स्थित महम के नजदीक भैणी महाराजपुर शुगर मिल के पास भाकियू चढ़ूनी ग्रुप के युवा जिला अध्यक्ष अंकुश सिवाच के नेतृत्व में युवाओं ने हाईवे पर जाम लगा दिया। थोड़ी देर बाद पुलिस ने समझाकर जाम खुलवाया। हिसार के उकलाना में चंडीगढ़ हाईवे पर किसानों ने कुछ देर के लिए जाम लगाया। इसके अलावा मय्यड़ में रामायण टोल प्लाजा पर भी किसानों ने नारेबाजी कर विरोध जताया। यमुनानगर में किसानों ने मंगलवार देर रात सहारनपुर-पंचकूला नेशनल हाईवे पर गांव सुडल के पास स्थित जाट चौक और साढ़ौरा- बराड़ा मार्ग पर गांव सरांवा में जाम लगा दिया। किसानों ने सड़कों के बीचोबीच अपने वाहन खड़े कर दिए और तिरपाल बिछाकर वहीं बैठ गए।
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पुलिस।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नौ ड्यूटी मजिस्ट्रेट और 700 से ज्यादा पुलिसकर्मी रहे तैनात
किसानों को सड़क पर जाने से रोकने के लिए प्रशासन की ओर से नौ डयूटी मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे। वहीं 700 से ज्यादा पुलिसकर्मी मुस्तैद थे। इसके बावजूद किसान हाईवे पर जाम लगाने में सफल रहे।
जनहित को ध्यान में रखते हुए जाम खुलवाया : डीसी
कुरुक्षेत्र के जिला उपायुक्त शांतनु शर्मा ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेशानुसार जनहित की सुविधा के लिए हाईवे से जाम खुलवाया गया है, जिसके बाद यातायात सुचारू कर दिया गया। जाम को खुलवाने के लिए प्रशासन की तरफ से किसानोंं को बार-बार अपील की गई और हाईकोर्ट के आदेश का भी हवाला दिया गया, लेकिन किसानों ने जाम नहीं खोला। इससे हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस मार्ग पर दूर-दूर तक वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। उन्होंने कहा कि जब प्रशासन के पास कोई विकल्प नहीं रहा तो पुलिस बल का प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में किसी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ।
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हाईवे पर पहुंचे किसान।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसपी बोले, चार से पांच लोग हिरासत में
कुरुक्षेत्र के एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया का कहना है कि आमजन की सुविधा को लेकर हाईवे खुलवाना जरूरी था, जिसके लिए हल्का बल प्रयोग किया गया। इसमें किसी को चोटें नहीं आई। गुरनाम सिंह चढूनी सहित चार से पांच किसानों को हिरासत में लिया गया है।