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Haryana: रिकॉर्ड बारिश से तबाही; अंबाला में बाढ़, पंजाब-दिल्ली का संपर्क टूटा, 9 की मौत, 3 जिलों में रेड अलर्ट

Tue, 11 Jul 2023 02:08 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो/संवाद, चंडीगढ़, करनाल
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अंबाला में भारी बारिश - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लगातार तीसरे दिन बारिश ने हरियाणा के जीटी बेल्ट के जिलों में सबसे ज्यादा तबाही मचाई। छह जिलों के 600 से ज्यादा गांवों में बारिश का पानी भर गया। बारिश के कारण हुए अलग-अलग हादसों में नौ लोगों की मौत हो गई। बारिश और बाढ़ से सबसे ज्यादा अंबाला जिला प्रभावित हुआ है। तीन दिन में 451 एमएम बारिश होने से शहर का 40 फीसदी हिस्सा जलमग्न हो गया। अंबाला शहर में जलभराव के बाद लोगों को निकालने में सेना की भी मदद ली गई।

अंबाला के कई इलाकों में लोगों ने घर छतों पर डेरा डाल लिया है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस ने 2000 लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया। सेना ने अंबाला और पंचकूला में लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों से सुरक्षित निकाला। अंबाला के चमन वाटिका स्कूल में फंसी 731 छात्राओं को सेना के जवानों ने रेस्क्यू किया। 
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सनौली में यमुना नदी उफान पर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बारिश से उफनाई टांगरी, मारकंडा और घग्गर नदी के कारण आसपास के क्षेत्रों में पानी भर गया। अंबाला में रविवार रात टांगरी नदी किनारे बने घरों में फंसे 400 से अधिक लोगों को रेस्क्यू किया गया। यहां बचाव कार्य सोमवार देर शाम तक जारी रहा। कैथल के गांव बरोट में रजवाहा टूटने से खेतों में पानी भर गया। गुहला-चीका क्षेत्र से गुजर रही घग्गर नदी का पानी खतरे के निशान के करीब है। यहां 18 गांवों में बाढ़ का खतरा है। करनाल के यमुना से लगे इंद्री के 5 गांवों में पानी भर गया।
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लक्ष्मी नगर में सड़क पर जमा बरसात के पानी में डूबी बाइक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र में 66 अधिकारियों, पटवारियों व ग्राम सचिवों को फील्ड में उतारा गया है। सरस्वती नदी का पानी कई क्षेत्रों में भर चुका है। यहां सबसे ज्यादा इस्माईलाबाद क्षेत्र में 242 एमएम व पिहोवा में 184 एमएम बारिश दर्ज की गई। यमुनानगर के कई गांवों में लोगों को ट्रैक्टर ट्रालियों से सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। शहर की पांच दर्जन से ज्यादा कॉलोनियां जलमग्न हैं। हथिनी कुंड बैराज का जलस्तर रविवार रात तीन लाख क्यूसेक तक पहुंच गया।  

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हरियाणा के सीएम मनोहर लाल। - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री ने बुलाई आपात बैठक
बारिश से बिगड़े हालात की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रशासनिक अधिकारियों से बैठक की। मुख्यमंत्री ने जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए कि बारिश से प्रभावित जिलों में जरूरत पड़ने पर स्कूलों को बंद किया जा सकता है। सीएम ने जिला उपायुक्तों को बाढ़ प्रभावित लोगों को रेस्क्यू करने के साथ-साथ उनके खाने व स्वास्थ्य सुविधाएं दिलाने को कहा। मनोहर लाल ने अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर जिलों के उपायुक्तों को विशेष निर्देश देते हुए कहा कि लोगों को नदियों के पास न जाने दें। 
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यात्रियों से भरी बस फंसी - फोटो : अमर उजाला
मुलाना में बस पलटी, 27 यात्रियों को बचाया
अंबाला के मुलाना में जगाधरी हाईवे पर मारकंडा नदी का पानी अत्यधिक मात्रा में आने से हिमाचल प्रदेश डिपो की बस पलट गई। बस में सवार 27 लोगों को मशक्कत के बाद बचाया गया। 
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मलबा हटाते लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल में दंपती व पिंजौर में तीन की मौत 
करनाल के सग्गा गांव में मकान गिरने से सो रहे दंपती सुरिंदर (45) और सुनीता (40) की मौत हो गई। बाहर सो रहे चार बच्चों की जान बच गई। अंबाला के गांव दुराना निवासी अरुण कुमार की बाइक फिसलने से मौत हो गई। यमुनाननगर के पिलखनवाला गांव में खेतों में बने कुंड में भरे बारिश के पानी में डूबने से 11 वर्षीय छात्र सावेज की मौत हो गई। यमुनानगर के ही सुढैल गांव में बिजली गिरने से धान रोप रहे मुबारिक की जान चली गई। अंबाला में बिंजलपुर निवासी संदीप भी बाइक समेत पानी में बह गया। पिंजौर की देवल घाटी में झुग्गी में सो रहे भाई बहन समेत तीन लोगों की मलबा गिरने से मौत हो गई। 

खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं यमुना सहित सभी नदियां, खाने-पीने का संकट
 पहाड़ों पर हो रही बारिश से यमुना सहित सभी नदियां खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गई हैं। जिसकी जद में आए सैकड़ों गांव प्रभावित हैं। खेतों में नदियों का पानी आने से जिलों में लाखों एकड़ फसलें जलमग्न हो चुकी हैं। वहीं हजारों लोगों के समक्ष बिजली-पानी और खानपान का संकट खड़ा हो गया है।  इससे नाराज कैथल के ग्रामीणों ने सोमवार को चीका-पटियाला हाईवे पर जाम लगाया।

अंबाला में टांगरी, मारकंडा और घग्गर नदी ने जमकर कहर बरपाया है। यहां 400 से अधिक गांवों में नदियों का पानी घुस गया है। वहीं यमुनानगर में सोमनदी, पथराला और सरस्वती उफान पर हैं और जिले में दो दर्जन से अधिक गांव इसकी चपेट में आ गए हैं। हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़ने के बाद अब इसका असर पानीपत में दिखने लगा है। सोमवार शाम पानीपत में भी यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया और आसपास के क्षेत्र की करीब 20 हजार एकड़ फसलें जलमग्न हो गईं। साथ ही 18 से अधिक गांव इसकी जद में हैं। 
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खतरे के निशान पर घग्गर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल जिले में घग्गर नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। दो दर्जन से अधिक गांवों पर बाढ़ के खतरे को देखते हुए गुस्साए ग्रामीणों ने सोमवार को करीब दो घंटे तक चीका-पटियाला हाईवे पर जाम भी लगाया। करनाल में भी 50 से अधिक गांव में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।

वंदे भारत समेत 33 से अधिक ट्रेनें रद्द
फिरोजपुर और अंबाला मंडल की रेलवे ट्रैक पर जलभराव होने के कारण वंदे भारत समेत 33 से अधिक यात्री ट्रेनों को रद्द दिया। दो दर्जन से अधिक ट्रेनों को मार्ग परिवर्तन करके गंतव्य की ओर रवाना किया गया। कालका-शिमला रेलमार्ग पर लगातार दूसरे दिन भी सात ट्रेनों का आवागमन ठप रहा।
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चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे बंद - फोटो : PTI
मनाली में फंसे हरियाणा के नागरिक सुरक्षित...मुख्यमंत्री ने बताया कि कुल्लू-मनाली में हरियाणा के 10-12 लोगों के फंसे होने की सूचना मिली थी। जिस पर उन्होंने तत्काल हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री से बात की। हरियाणा के सभी नागरिक सुरक्षित हैं और हिमाचल सरकार के साथ मिलकर हर हालात पर नजर रखी जा रही है। 

7 हाईवे बंद
अंबाला-चंडीगढ़, अंबाला-सहारनपुर, अंबाला-दिल्ली  अंबाला-जालंधर, अंबाला-हिसार, अंबाला-यमुनानगर नेशनल हाईवे और अंबाला-पंचकूला वाया बरवाला को पूरी तरह बंद कर दिया गया। हाईवे बंद होने से चंडीगढ़ का दिल्ली से संपर्क टूट गया है।
  • ग्रुप-सी की शारीरिक मापतौल परीक्षा और शिक्षा विभाग में टीजीटी भर्ती प्रक्रिया को टाला 
  • बैराज से लगातार छोड़ा जा रहा पानी, दिल्ली में बाढ़ का खतरा बढ़ा
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