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देश के दुश्मन देवेंद्र को लेकर बड़ा खुलासा: प्रोफेसर ने बताया क्यों नहीं हुआ जासूस होने का शक, ऐसे मिटाए सबूत

Sun, 18 May 2025 05:48 AM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला

सार

प्रोफेसर ने बताया कि देवेंद्र का व्यवहार आम विद्यार्थियों की तरह था, इसलिए कभी किसी को शक नहीं हुआ। देवेंद्र के पकड़े जाने के बाद शनिवार को हरियाणा से जांच के लिए एक टीम पटियाला के खालसा कॉलेज में पहुंची। 
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जासूस देवेंद्र सिंह गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में पकड़ा गया हरियाणा के जिला कैथल का देवेंद्र सिंह पिछले डेढ़ महीने से कॉलेज भी नहीं गया था। वह पटियाला के खालसा कॉलेज में एमएम फर्स्ट ईयर का छात्र था। प्रोफेसर जगतार सिंह ने बताया कि देवेंद्र ने सिर्फ दो ही पेपर दिए थे। बाकी में वह गैरहाजिर था। 
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जासूस देवेंद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला
इसलिए नहीं हुआ उस पर शक
प्रोफेसर ने बताया कि देवेंद्र का व्यवहार आम विद्यार्थियों की तरह था, इसलिए कभी किसी को शक नहीं हुआ। देवेंद्र के पकड़े जाने के बाद शनिवार को हरियाणा से जांच के लिए एक टीम पटियाला के खालसा कॉलेज में पहुंची। आरोप है कि देवेंद्र सिंह ने पटियाला सैन्य क्षेत्र की तस्वीरें अपने मोबाइल फोन से लेकर आईएसआई एजेंटों को भेजी थीं। जैसे ही आरोपी को पता लगा कि वह फंस गया है, तो उसने तुरंत अपने सभी डिजिटल डिवाइस से यह डाटा डिलीट कर दिया।
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जासूस देवेंद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला
पांच से अधिक एजेंट के संपर्क में था देवेंद्र
स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट की ओर से जासूसी के आरोप में गिरफ्तार देवेंद्र सिंह वर्ष 2024 की नवंबर में ही सिख श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ करतारपुर कॉरिडर से पाकिस्तान गया था। इस दौरान उसने करतारपुर साहिब, ननकाना साहिब, लाहौर में कई धार्मिक स्थलों पर गया। वहीं पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंट के संपर्क में आया। पुलिस की जांच में सामने आया कि देवेंद्र पांच से अधिक पाकिस्तानी एजेंटों के संपर्क में था।

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जासूस देवेंद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला
सप्ताह में पांच दिन ही कमरे पर रहता था
देवेंद्र ने विश्वविद्यालय के नजदीक ही अपना कमरा ले रखा था। कमरे पर वह सप्ताह में पांच दिन रहता था, शेष दो दिन के लिए मस्तगढ़ गांव स्थित अपने घर पर आता था। आरोपी के घर में चार सदस्य है। उसकी एक छोटी बहन है, वह भी 12वीं में पढ़ाई कर रही है। उसके पिता गांव में ही खेती हैं। जबकि उसकी माता एक गृहिणी है। अभी तक की जांच में सामने आया है कि मध्यमवर्गीय परिवार के इस युवक के खिलाफ सोशल मीडिया पर हथियार के साथ पोस्ट डालने से पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
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जासूस देवेंद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला
पाकिस्तानी युवती को भेजी थी पटियाला सैन्य इलाके की तस्वीरें
आरोप है कि देवेंद्र की दोस्ती फेसबुक पर एक पाकिस्तानी युवती से हुई। हनी ट्रैप में फंसने के बाद आरोपी ने पटियाला सैन्य क्षेत्र की तस्वीरें अपने मोबाइल फोन से खींचकर आईएसआई एजेंटों को भेजी थीं। आरोपी को गांव में पुलिस जांच की भनक लग गई थी। इस कारण उसने अपने सभी डिजिटल डिवाइस से डाटा डिलीट कर दिया। पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट अब डाटा रिकवर करने में जुटी है। पुलिस ने उसके मोबाइल फोन व अन्य डिवाइस अपने कब्जे में ले लिए हैं।
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जासूस देवेंद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला
गांव के दूसरे युवक के हथियार के साथ डाली थी फोटो
पुलिस की गुप्तचर यूनिट के हेड कांस्टेबल कुलदीप सिंह ने शिकायत दी थी कि 11 मई को उसे सूचना मिली कि मस्तगढ़ निवासी देवेंद्र सिंह ढिल्लों ने अपनी फेसबुक आईडी पर बंदूकों के साथ फोटो अपलोड की है। जांच में पता चला कि देवेंद्र के पास कोई लाइसेंसी हथियार नहीं है। उसने उसके गांव के मालक सिंह के हथियारों के साथ सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर फोटो अपलोड करके वायरल की और भय का माहौल बनाया। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के दौप।
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जासूस देवेंद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला
संपर्कों की जांच की जाएगी
कैथल की एसपी आस्था मोदी ने बताया कि देवेंद्र से जुड़े अन्य सहयोगियों की जल्द पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही आरोपी के परिजनों से भी जानकारी प्राप्त की जाएगी।

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जासूस देवेंद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला
आईएसआई ने सोशल मीडिया पर फैला रखा है हसीनाओं का जाल
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने सोशल मीडिया पर भी हसीनाओं का जाल फैला रखा है। यह हनी ट्रैप भारतीय युवाओं को फंसाकर जासूसी कराने के लिए है। कई लोग इसमें फंस चुके हैं। इनमें डीआरडीओ और विदेश मंत्रालय के कर्मचारी भी हैं।
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जासूस देवेंद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला
रोज एक मैसेज और 25 मैसेज
कैथल के देवेंद्र सिंह को हनी ट्रैप में ही फंसाया गया। हालांकि, यह हनी ट्रैप सोशल मीडिया पर नहीं था, लेकिन फेसबुक और इंस्टाग्राम पर आईएसआई के एजेंटों ने कई अकाउंट बना रखे हैं। इसे एक केस से समझा जा सकता है। दो महीने पहले आगरा का निवासी रविंद्र सिंह ऐसे ही जाल में फंसा था। वह फिरोजाबाद आयुध निर्माण फैक्टरी का कर्मचारी था। उससे नेहा शर्मा नाम से पाकिस्तानी एजेंट ने फेसबुक पर दोस्ती के लिए अनुरोध किया था। वह समझ नहीं पाया कि अनुरोध आईएसआई के एजेंट का है। नेहा नाम से एजेंट उसे रोज एक तस्वीर और 25 मैसेज भेजती थी।
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