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Sonali Phogat: BJP के झंडे में लिपटी सोनाली फोगाट की अर्थी को बेटी ने पहले दिया कंधा, फिर दी मुखाग्नि

Sat, 27 Aug 2022 01:30 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)

सार

ढंढूर स्थित फार्म हाउस से सोनाली के पार्थिव शरीर को भाजपा के झंडे में लपेटकर मोक्ष वाहन से श्मशान घाट लाया गया। उनकी अंतिम यात्रा के दौरान लोगों ने सोनाली फोगाट अमर रहे के नारे लगाए।
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झंडे में लिपटी सोनाली फोगाट की अर्थी को बेटी ने पहले दिया कंधा, फिर दी मुखाग्नि। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भाजपा की महिला नेता एवं टिक टॉक स्टार सोनाली फोगाट के शव का शुक्रवार को ऋषि नगर स्थित श्मशान घाट में अंतिम संस्कार हुआ। उनकी बेटी यशोधरा ने अपनी मां की अर्थी को कंधा दिया और चचेरे भाई के साथ पार्थिव शरीर को मुखाग्नि देकर विदा किया। इससे पहले ढंढूर स्थित फार्म हाउस से सोनाली के पार्थिव शरीर को भाजपा के झंडे में लपेटकर मोक्ष वाहन से श्मशान घाट लाया गया। उनकी अंतिम यात्रा के दौरान लोगों ने सोनाली फोगाट अमर रहे के नारे लगाए। वहीं, भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग उठाई। 

23 अगस्त को गोवा में मौत होने के बाद गुरुवार को देर रात 2.10 बजे सोनाली फोगाट का शव दिल्ली से एंबुलेंस से हिसार के नागरिक अस्पताल लाया गया। ताबूत में रखे शव को शवगृह के डीप फ्रिज में रखा गया। सुबह 9 बजे परिजन शव लेने के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचे।
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सोनाली फोगाट का अंतिम संस्कार। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
सुबह 10.30 बजे उनका पार्थिव शरीर ढंढूर स्थित फार्म हाउस अंतिम दर्शन के लिए ले जाया गया। इस दौरान उनकी बेटी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। इसके बाद ताबूत से शव को बाहर निकाला और अंतिम क्रिया शुरू की गई। कुछ देर बाद शव को घर के आंगन में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। 
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सोनाली की अर्थी को कंधा देती उनकी बेटी यशोधरा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
आधे घंटे के बाद सोनाली को पहले ओढ़नी ओढ़ाई गई। फिर भाजपा के झंडे में लपेट कर मोक्ष वाहन से ऋषि नगर स्थित श्मशान घाट लाया गया। अंतिम संस्कार के समय प्रदेश के शहरी निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ,पूर्व विधायक कुलदीप बिश्नोई, रतिया विधायक लक्ष्मण नापा, मेयर गौतम सरदाना, पूर्व मंत्री संपत सिंह, पूर्व मंत्री हरि सिंह सैनी आदि मौजूद रहे। 

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मां के शव को देख बिलख पड़ी बेटी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ताबूत से शव को बाहर निकाल कर घर के आंगन में फर्श पर अंतिम दर्शन के लिए रखा। जब इस बात की खबर बेटी यशोधरा को लगी तो वह रोते हुए अपनी मां के शव के पास पहुंची। उनके पार्थिव शरीर को देख पर विलाप करने लगी और रोते-रोते बेहोशी हो गई। परिजन उसे उठाकर कमरे में ले गए। कुछ देर बाद होश आने पर वह दोबारा से बाहर गई और मां के शव के पास बैठ गई। परिवार की महिलाओं ने उसे उठाया और बाकी की अंतिम क्रियाएं शुरू की। यशोधरा ने अपनी मां की अर्थी को कंधा दिया। 

मोक्ष वाहन में बैठकर श्मशान तक पहुंची
फार्म हाउस से पार्थिव शरीर को मोक्ष वाहन में रखा गया। फिर चंडीगढ़ बाईपास से होते हुए पीरावाली गांव के सामने से साउथ बाईपास होते हुए बस स्टैंड के पीछे ऋषि नगर में श्मशान घाट लाया गया। फार्म हाउस लेकर श्मशान घाट तक यशोधरा मोक्ष वाहन में अपनी मां के पार्थिव शरीर के पास बैठी रही। पूरे रास्ते रोते हुए अपनी मां के चेहरे पर नजरें टिकाए रखी। एक पल के लिए भी वह अपनी मां के पार्थिव शरीर से दूर नहीं हुई। उसने अपने चचेरे भाई के साथ मुखाग्नि दी। 
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विलाप करते परिजन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
महिलाओं का था बुरा हाल 
जब सोनाली के पार्थिव शरीर को फार्म हाउस लाया गया तो परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था। महिलाएं एक दूसरे को संभाल रही थी। वहीं, सोनाली के भाई वतन ढाका भी अपने आप को नहीं रोक पाए। उनकी आंखों से भी लगातार आंसू टपकते रहे।
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