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Sonali Phogat: शव को देख बेहोश हुई बेटी, होश आया तो बोलीं- मां.. पापा के बाद तुमने संभाला, छोड़कर क्यों चली गई

Sat, 27 Aug 2022 01:10 AM IST
भूपेंद्र सिंह सुरेश सहारण, संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)

सार

ढंढूर गांव के पास फार्म हाउस पर सुबह 10.30 बजे भाजपा नेता एवं अभिनेत्री सोनाली फोगाट का शव पहुंचा। ताबूत से शव को बाहर निकाल कर घर के आंगन में फर्श पर अंतिम दर्शन के लिए रखा।
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सोनाली की अर्थी को कंधा देती उनकी बेटी यशोधरा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
आंखों में आंसू लिए अर्थी के पीछे चल रही 15 साल की किशोरी यशोधरा विलाप करते हुए बार-बार पुकार रही थी कि मुझे भी मेरी मां के साथ जाना है। मौसी, ताऊ बार-बार उसे संभाल रही थे। जब भाजपा नेता सोनाली फोगाट के पार्थिव शरीर को श्मशान घाट ले जाने लगे तो अर्थी को कंधा दिया और रोते हुए बोली पापा के बाद तुमने संभाला, मां मुझे छोड़कर क्यों चली गई, मुझे भी आपके साथ जाना है। इससे पहले जब सोनाली फोगाट का शव फार्म हाउस पर लाया गया तो यह देख बेटी बेहोश हो गई। होश आने पर उसकी आंखों से आंसू नहीं थम रहे थे।  

ढंढूर गांव के पास फार्म हाउस पर सुबह 10.30 बजे भाजपा नेता एवं अभिनेत्री सोनाली फोगाट का शव पहुंचा। ताबूत से शव को बाहर निकाल कर घर के आंगन में फर्श पर अंतिम दर्शन के लिए रखा। जब इस बात की खबर बेटी यशोधरा को लगी तो वह रोते हुए अपनी मां के शव के पास पहुंची।
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मां के शव को देख बिलख पड़ी बेटी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उनके पार्थिव शरीर को देख पर विलाप करने लगी और रोते-रोते बेहोशी हो गई। परिजन उसे उठाकर कमरे में ले गए। कुछ देर बाद होश आने पर वह दोबारा से बाहर गई और मां के शव के पास बैठ गई।
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अपनी बेटी के साथ सोनाली फोगाट। फाइन फोटो - फोटो : twitter
परिवार की महिलाओं ने उसे उठाया और बाकी की अंतिम क्रियाएं शुरू की। यशोधरा ने अपनी मां की अर्थी को कंधा दिया। 

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सोनाली फोगाट की बेटी यशोधरा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
मोक्ष वाहन में बैठकर श्मशान तक पहुंची
फार्म हाउस से पार्थिव शरीर को मोक्ष वाहन में रखा गया। फिर चंडीगढ़ बाईपास से होते हुए पीरावाली गांव के सामने से साउथ बाईपास होते हुए बस स्टैंड के पीछे ऋषि नगर में श्मशान घाट लाया गया। फार्म हाउस लेकर श्मशान घाट तक यशोधरा मोक्ष वाहन में अपनी मां के पार्थिव शरीर के पास बैठी रही। पूरे रास्ते रोते हुए अपनी मां के चेहरे पर नजरें टिकाए रखी। एक पल के लिए भी वह अपनी मां के पार्थिव शरीर से दूर नहीं हुई। उसने अपने चचेरे भाई के साथ मुखाग्नि दी। 
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विलाप करते परिजन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
महिलाओं का था बुरा हाल 
जब सोनाली के पार्थिव शरीर को फार्म हाउस लाया गया तो परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था। महिलाएं एक दूसरे को संभाल रही थी। वहीं, सोनाली के भाई वतन ढाका भी अपने आप को नहीं रोक पाए। उनकी आंखों से भी लगातार आंसू टपकते रहे।
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