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Haryana: पांच दिन से बाढ़ से जूझ रही भूना शहर की 30 हजार आबादी, 1500 परिवारों ने घर छोड़ा

Thu, 29 Sep 2022 02:25 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, भूना, फतेहाबाद (हरियाणा)

सार

फतेहाबाद जिले में हुई मूसलाधार बारिश के बाद भूना में बुधवार को पांचवें दिन भी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर की 50 फीसदी आबादी अभी भी बाढ़ की चपेट में है।
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भूना में बारिश से बाढ़ जैसे हालात। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पांच दिन पहले हुई भारी बारिश के कारण हरियाणा के फतेहाबाद जिले के भूना में हालात बिगड़ गए हैं। बाढ़ में भूना शहर में 30 हजार की आबादी जिंदगी के लिए जद्दोजहद कर रही है। भूना के 15 में से सात वार्डों में अब भी चार फुट तक पानी जमा है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में खाद्य सामग्री की किल्लत शुरू हो गई है।

जलभराव वाले इलाके में बिजली भी नहीं आ रही है। यही वजह है कि करीब 1500 परिवार अपना घर छोड़कर अपने रिश्तेदारों व धर्मशालाओं में शरण लिए हुए हैं। जिला प्रशासन के राहत के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि दो दिन में स्थिति सामान्य हो जाएगी।

घरों से लेकर दुकानों में भरा हुआ है पानी 
भूना शहर की कुल आबादी करीब 60 हजार है। बारिश के कारण सबसे अधिक भयावह हालात भूना में ही है। एक ही दिन में हुई 493 एमएम बारिश के कारण भूना की आधी से ज्यादा आबादी बाढ़ की चपेट में है। मॉडल टाउन जैसे पॉश इलाके में भी गलियों व घरों में पानी भरा हुआ है। यहां से करीब 450 लोगों ने घर छोड़ दिया है। जलभराव के संकट के बीच भूनावासियों को खाने-पीने की चीजों के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में बिजली नहीं आने के कारण भी लोग काफी परेशान हैं। वहीं, स्कूल और कॉलेज भी तीन दिन से बंद है।
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भूना में लोगों को किश्तियों पर बैठाकर ले जाते कर्मचारी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ट्रैक्टर और किश्तियां बनी सहारा 
भूना के बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में ट्रैक्टर व प्रशासन द्वारा चलाई जा रही किश्तियां ही चल पा रही हैं। छोटे वाहन तो पानी में घुसते ही बंद हो जाते हैं। 25 ट्रैक्टरों व छह किश्तियों के जरिये ही लोग इधर से उधर आते और जाते हैं। छह किश्तियों पर 16 कर्मचारी तैनात हैं। 
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भूना के हिसार रोड पर जलभराव में से ट्रैक्टर लेकर जाता चालक। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भूना में बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने में प्रशासन लगा हुआ है। जलभराव भी खत्म करने के लिए 16 पंपसेट दिन-रात चल रहे हैं। लोगों की मदद के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। दो दिन में स्थिति सामान्य हो जाएगी। -जगदीश शर्मा, उपायुक्त, फतेहाबाद

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ट्रैक्टर से जाते लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अब तक 471 लोग करवा चुके हैं नुकसान की शिकायत
भूना कस्बे में बाढ़ के हालातों के बीच प्रशासन ने कॉलेज में हेल्पलाइन सेंटर खोला है। यहां पर बारिश के पानी से हुए नुकसान की शिकायतें ली जा रही है। डीसी जगदीश शर्मा ने बताया कि अब तक 471 शिकायतें मिल चुकी हैं। मदद के लिए भी प्रतिदिन 100 के करीब कॉल आ रही हैं। लोगों को राशन, भोजन, दूूध व पानी भेजा जा रहा है।

रिश्तेदारों को भोजन के लिए लगा रहे गुहार
बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र हिसार रोड पर लोग अपने रिश्तेदारों को भी फोन करके भोजन आदि का प्रबंध करने को कह रहे हैं। बुधवार को जब टीम हिसार रोड पर थी तो यहां पर कुलां से गुरमीत, बिंद्र व कालू अपने रिश्तेदार महेंद्र के घर भोजन पहुंचाने के लिए आए हुए थे। उन्होंने बताया कि महेंद्र का फोन आया था कि घर में आवश्यक वस्तुएं समाप्त हो गई हैं। इसलिए वह पानी में ही चलकर उनको भोजन पहुंचाने आए हैं।
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पानी से दूध लेकर जाते। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसटीपी व चंद्रावल नहर के बाद अब हिसार रोड में छोड़ा जा रहा पानी
शहर में हिसार रोड से पानी निकालने को लेकर प्रशासन की ओर से एसटीपी व चंद्रावल नहर के बाद अब हिसार रोड पर पानी निकालना आरंभ कर दिया गया है। शहर में ड्रेन के माध्यम से चंद्रावल नहर व एसटीपी तक पानी जा रहा है। वहीं, हिसार रोड पर भी नहर में पाइप क माध्यम से पानी छोड़ा जा रहा है। शहर में प्रशासन ने 16 इलेक्ट्रिक व डीजल पंप सेट लगाए हैं। डीसी जगदीश शर्मा के अनुसार, तीनों स्थानों पर प्रतिदिन 29 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
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पानी लेकर जाती लड़कियां। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पांच गांवों के ग्रामीण भी बने मसीहा
भूना में बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में भोजन पहुंचाने के लिए गांव ढाणी गोपाल, ढाणी भोजराज, ढाणी सांचला, सिंथला व खासा पठाना के ग्रामीण मसीहा बनकर उभरे हैं। इन गांवों के ग्रामीण पिछले तीन दिनों से लोगों के लिए भोजन, लस्सी, दूध व पानी का इंतजाम कर रहे हैं। 
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