हिसार में ड्रेनें और भिवानी में माइनर टूट गई हैं। फतेहाबाद-सिरसा में मकान गिर गए। पंचकूला में पुल बह गया। शिमला-कालका रेलवे ट्रैक पर भूस्खलन हो गया है। यमुनानगर जिले में रात को यमुना का पानी बस्तियों में आने से स्थिति चिंताजनक हो गई है। लोग सुरक्षित स्थान पर जाने लगे हैं।
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हथिनीकुंड बैराज पर जान जोखिम में डालकर लकड़ी पकड़ते लोग
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पहाड़ों और हरियाणा में हो रही लगातार बारिश से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। लगभग सभी जिलों में बारिश से जलभराव की स्थिति है। गलियां, सड़कें, जलमग्न हो गई हैं। कई जिलों में स्कूलों, अस्पतालों में पानी भर गए हैं। खेतों में फसलों डूब गई हैं।
यमुनानगर में यमुना नदी के तट पर बसे गांव कैत-मंडी के खेतों से बाढ़ का पानी सड़क पर आ गया। यहां से पानी अब गांव की तरफ रुख कर रहा है। सड़क पर पानी भी दो से तीन फीट तक पहुंच गया है। जैसे ही पानी सड़क पर पहुंचा तो इन गांवों की तरफ जाने वाला रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। ऐसे में लोगों की एक से दूसरे छोर तक ले जाने के लिए गांव के लोगों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली लगा दिए हैं।
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कलानौर के पास यमुना के किनारे पर हुआ कटाव।
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हिसार में पांच स्थानों पर ड्रेन टूटने से हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गई। आर्थनगर, मात्रप्रयाग, शाहपुर में दो स्थानों पर और घिराय में ड्रेन टूटी है। वहीं, हांसी- बरवाला स्टेट हाईवे पर गांव चानौत के पास पानी भर जाने से यह मार्ग बंद हो गया है।
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दो मकानों का हिस्सा भरभरा कर गिरा।
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दो मकानों का हिस्सा भरभरा कर गिरा
फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में बिजली पैनल में पानी घुस गया जिससे एनसीडी क्लीनिक की ओपीडी शेड के नीचे लगाई गई। नेत्र रोग विशेषज्ञ और मनोचिकित्सक को मोबाइल टॉर्च की रोशनी में मरीजों की जांच की। कुलां में दो मकानों का हिस्सा भरभरा कर गिर गया।
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कलेसर में यमुना नदी के बहाव से हुआ भूमि कटाव।
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100 एकड़ में फसलें पानी में डूबी
भिवानी के तोशाम में भुरटाना माइनर टूटने और तोशाम-सिवानी मार्ग पर रजवाहा ओवरफ्लो होने से करीब 100 एकड़ में फसलें पानी में डूब गई। लोहारू के नवाबी शासनकाल में बनी करीब 110 वर्ष पुरानी इमारत का एक हिस्सा रविवार देर रात को हुई बारिश के कारण भरभराकर गिर गया। नवा राजगढ़ में एक मकान की छत भी गिर गई है। बहादुरगढ़ में मातन लिंक डेन ओवरफ्लो होने से 500 एकड़ फसल जलमग्न हो गई।
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मोरनी के खरुनी गांव में बना फुट ओवर ब्रिज टूट कर बहा।
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कालका शिमला रेलवे ट्रैक पर 5 सितंबर तक सभी ट्रेनें रद्द
पंचकूला में धग्घर नदी में आए तेज बहाव में मोरनी के खरुनी गांव में बना फुट ओवर ब्रिज टूट कर बह गया। वहीं, भूस्खलन के कारण विश्व धरोहर कालका शिमला रेलवे ट्रैक पर 5 सितंबर तक सभी ट्रेनों को रद्द कर दिया है।
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सिविल अस्पताल में घुसा पानी।
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भिवानी में मकानों की छत गिरी है। कालांवाली के गांव पक्का शहीदां में एक घर की दो कमरों की छत गिरने से पांच लोग घायल हो गए। एक महिला शौच करने के लिए बनाई कुई में गिर गई। प्रशासन ने महिला को बाहर निकाला। अंबाला के बिहटा गांव में बरसात के कारण कच्ची छत गिरने से मां और उसके दो बच्चे चोटिल हो गए।
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ट्रैक पर मिट्टी आने से 5 सितंबर तक सभी ट्रेनों को रद्द किया।
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रेलवे ने 69 ट्रेनें रद्द की
जम्मू रेल खंड पर रेलवे ने चार विशेष ट्रेनों के संचालन को हरी झंडी दे दी है। इसमें ट्रेन नंबर 12445 और 46 नई दिल्ली-कटरा-नई दिल्ली संपर्क क्रांति एक्सप्रेस और 13151 व 52 कोलकाता-जम्मू-कोलकाल का संचालन जम्मू रेलवे स्टेशन तक किया जाएगा। दूसरी तरफ जम्मू रेल खंड के कठुआ और माधोपुर के बीच रेल पुल नंबर 17 के दुरुस्त न होने के कारण रेलवे ने 69 ट्रेनों को पूर्ण तौर पर रद्द, 17 को बीच रास्ते में रद्द तो 17 ट्रेनों के फिर संचालन का फैसला किया है।
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खतरे के निशान के पास बहती यमुना नदी।
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बंद करने पड़े स्कूल
हिसार जिले के दस राजकीय स्कूलों में पानी भर जाने के कारण उनको बंद करना पड़ा। इन स्कूलों को दूसरे स्थानों पर कक्षाएं लगाने के निर्देश दिए गए हैं। फतेहाबाद जिले के गांव भीमेवाला के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में जलभराव होने से पढ़ाई प्रभावित रही। कक्षाएं शेड के नीचे लगाई गई। भूना में निजी स्कूल सोमवार को भी बंद रहे। सिरसा जिले में कई स्कूलों में जलभराव के कारण निजी और सरकारी स्कूलों में अवकाश घोषित करना पड़ा।
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टापू कमालपुर में होता भूमि कटाव।
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छछरौली जान जोखिम में डालकर पानी में लकड़ियां पकड़ रहे लोग
पहाड़ों पर हुई मूसलाधार चारिश के साथ यमुना नदी में बहकर आ रही लकड़ी पकड़ने के लिए हथिनीकुंड बैराज के निचले एरिया में लोग अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। साथ ही लोगों को बैराज से सायरन बजाकर सावधान किया जा रहा है लेकिन यह लोग बाज नहीं आ रहे। लोग सोमवार सुबह से ही लकड़ी पकड़ने के लिए पहुंच रहे। लकड़ी को पकड़ने के लिए लोगों ने एक मजबूत लाठी पर नुकीली नोक लगाकर उसे यमुना में फेंक देते हैं। जोकि लकड़ी में फंस जाती है। इस पर लोग रस्सी से उसी लकड़ी को बाहर की तरफ खींच लेते हैं। लकड़ी पकड़ने वालों की एक नहीं दो नहीं करीब 100 से अधिक लोगों का झुंड जमा है। प्रशासन व पुलिस की टीमें नदी के किनारों पर पेट्रोलिंग कर रही है ताकि किसी तरह को अनहोनी ना हो जाए।
प्रदेश में 36 घंटे में भारी बारिश प्रशासन अलर्ट की चेतावनी से
बारिश से हरियाणा के हालात बिगड़ गए हैं। अगले 24 से 36 घंटे में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। दो सितंबर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी मंडल आयुक्तों, एडीजीपी, उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों व सब-डिवीजन मजिस्ट्रेट को मौसम विभाग की चेतावनी से अवगत कराते हुए 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। पंचायत विभाग ने अपने सभी पंचायत सचिवों व पटवारियों को मुख्यालय में प्रतिदिन की रिपोर्ट भेजने के निर्देश जारी किए हैं।
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कलानौर से सहारनपुर रोड पर यमुना नदी में बहता पानी।
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हरियाणा में सितंबर में भी अच्छी बारिश के संकेत हैं। मौसम विभाग की ओर से सितंबर महीने के पूर्वानुमान के मुताबिक राज्य में सामान्य से ज्यादा बारिश होगी। खासकर दक्षिण हरियाणा के कई हिस्सों में। आमतौर पर सितंबर में सामान्य बारिश 70 मिलीमीटर मानी जाती है। पिछली बार सितंबर में खूब बारिश हुई थी।
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हथिनी कुंड बैराज पर उफनती यमुना नदी का पानी दिल्ली की तरफ डायवर्ट होते हुए।
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1901-2024 का रिकॉर्ड देखें तो हरियाणा में सितंबर महीने में सबसे अधिक बारिश 1917 में 343 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। उसके बाद 1933 में 316 एमएम और 1945 में 293.5 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि 4 सितंबर तक हरियाणा में लगातार मानसून सक्रिय बना रहेगा।
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हरियाणा में बारिश की चेतावनी जारी की।
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इन जिलों में बारिश का अलर्ट
चंडीगढ़ मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, मंगलवार को पूरे हरियाणा में बारिश की चेतावनी जारी की गई है। पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत, गुरुग्राम व फरीदाबाद के कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। जींद, सिरसा, रोहतक, झज्जर, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखीदादरी, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, मेवात, पलवल और फतेहाबाद के एक दो इलाकों में भारी से मध्यम बारिश की चेतावनी जारी की गई है। तीन सितंबर से मौसमी सिस्टम कमजोर पड़ने लगेंगे।
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यमुना में आया तेज पानी।
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पानीपत में यमुना खतरे के निशान पर
पानीपत के सनीली में सोमवार शाम को खतरे के निशान (231.50 मीटर) के पास पहुंच गया है। समालखा एसडीएम अमित कुमार ने बीडीपीओ शक्ति सिंह, सिंचाई विभाग के एक्सईएन सुरेश सैनी के साथ सोमवार को गांव राणा माजरा से लेकर हरिद्वार हाईवे पर बने यमुना पुल तक तटबंध का दौरा किया। यमुना का पानी बढ़ने से तटबंध की निगरानी रखी जा रही है। वहीं रहीमपुर खेड़ी गांव से फिर से संपर्क कट गया है। यह गांव यमुना की तलहटी में बसा हुआ है। वहीं करीब 15 हजार एकड़ फसल डूब गई है।
करनाल में खेतों में घुस रहा पानी
करनाल में यमुना का पानी मैदानी इलाकों में बह रहा है। जिला प्रशासन ने बाढ़ की घोषणा कर दी है और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में लोगों को अलर्ट रहने के लिए लगातार मुनादी की जा रही है। जिले के 12 बाढ़ से ग्रस्त क्षेत्रों में यमुना का पानी उफान पर है। अब पानी तटबंधों के ऊपर से होकर लगातार खेतों व मैदानी इलाको में घुस रहा है। जिले के बाड़ ग्रस्त क्षेत्रों में अभी तक करीब 100 एकड़ जमीन को बाढ़ के पानी ने अपनी चपेट में ले लिया है।