Haryana Flood: 5 जिलों में माइनर, ड्रेनें-तटबंध टूटे...यहां घग्गर ओवरफ्लो, 2748 गांव डूबे, यमुना में कटाव जारी
Sun, 07 Sep 2025 02:40 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, करनाल/हिसार/रोहतक/चंडीगढ़
सार
हरियाणा के पांच जिलों में माइनर, ड्रेनें-तटबंध टूट गए हैं। 100 से ज्यादा गांवों में पानी भर गया है। कैथल, सिरसा और हिसार में घग्गर ओवरफ्लो होकर बह रही है। इससे 2748 गांवों में जलभराव हो गया है। यमुना में कटाव जारी है।
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छोटू रामनगर ड्रेन के पानी को रोकने के लिए कार्य में जुटे सेना और एसडीआरएफ के जवान
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बारिश और नदियों के उफान में कमी आने के बावजूद हरियाणा के आठ जिलों को जलभराव से कोई राहत नहीं मिल पाई है। कैथल, सिरसा व हिसार में घग्गर नदी व ड्रेन ओवरफ्लो होकर तबाही मचा रही हैं जबकि फरीदाबाद में यमुना व कुरुक्षेत्र में मारकंडा खतरे के निशान पर बह रही है।
शनिवार को इन पांचों जिलों में तीन तटबंध, दो-दो ड्रेनें व माइनर, एक छोटा बांध टूट गया। इससे 100 से अधिक गांवों में पानी भर गया और हजारों एकड़ फसल प्रभावित हुई है।
इसके अलावा सोनीपत, करनाल और यमुनानगर में लगातार भूमि कटाव हो रहा है। इससे लोगों की फसलें व भूमि पानी के साथ बह रही है। प्रदेश में 2,748 गांवों में लोग पहले ही जलभराव का दंश झेल रहे हैं।
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ड़ानी के स्कूल में भरे पानी में खड़े ग्रामीण, स्टाफ।
- फोटो : ग्रामीण
खेतों में टांगरी नदी का पानी भरने से बच्चे की मौत
इसी बीच अंबाला में दो लोग बरसाती नदी में बह गए जबकि एक बच्चे की खेतों में टांगरी नदी का पानी भरने से मौत हो गई। पुलिस के अनुसार अंबाला में पंजाब की सीमा से सटे भुनी गांव में खेतों में जलभराव में पांच बच्चे नहाने चले गए। चार को तो बचा लिया गया जबकि मनवीर (12) लापता हो गया।
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गुराना में माइनर के दोनों तरफ जमा ग्रामीणों की भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जलभराव में भी एक व्यक्ति का शव मिला
इसी तरह दुखेड़ी गांव में बरसाती नदी ओमना की पुलिया से गुजरते समय ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पानी में समा गई। इससे दो लोग बह गए। भिवानी के गांव सागवान में जलभराव में भी एक व्यक्ति का शव मिला है।
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हिसार-हिसार- राजगढ़ रेल लाइन के दोनों ओर पानी भरने के बाद कम गति में गुजरती तिरुपति हिसार ट्रेन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कृषि व सिंचाई विभाग के अनुसार सिरसा में शनिवार को तीन स्थानों पर तटबंध व हिसार-घग्गर ड्रेन का सेमनाला टूट गया है। तटबंधों के टूटने से 50 से अधिक गांवों में जलभराव हो गया। चरखी दादरी में गांव पिचौपा खुर्द व हिसार के गांव सिंघवा राघो में माइनर और हिसार के ही गांव आर्यनगर, चूली कलां के पास ड्रेन टूट गई।
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हिसार गांव गगवा के पास टूटी ड्रेन को दुरुस्त करते हुए मनरेगा के मजदूर और अधिकारीगण
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत में यमुना के पानी से गांव खोजकीपूर, नवादा-आर के पास बांध के अंदर तेजी से भूमि कटाव हो रहा हैं। पानीपत में भूमि कटाव से कलसौरा गांव से डबकौली खुर्द तक 500 एकड़ व नागल गांव में 150 एकड़ भूमि यमुना में समा चुकी है। शनिवार को कुरुक्षेत्र के इस्माईलाबाद के जलबेहड़ा हेड पर मारकंडा का पानी 15 हजार क्यूसेक दर्ज किया गया जो खतरे के निशान से ऊपर है।
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हिसार गांव गगवा के पास टूटी ड्रेन को दुरुस्त करते हुए मनरेगा के मजदूर और अधिकारीगण
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यहां पानी के दबाव में बीबीपुर झील की एक दीवार टूट गई है जबकि पहले से टूटे दो तटबंध दुरुस्त नहीं हो पाए हैं। अब दीवार टूटने से आसपास के दर्जनों गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। कैथल में घग्गर का जलस्तर खतरे के निशान 23 फीट से अधिक 23.8 फीट पर बह रहा है। यहां भागल गांव में मारकंडा के पानी खेतों में आ गया है।
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हिसार गांव गगवा के पास टूटी ड्रेन को दुरुस्त करते हुए मनरेगा के मजदूर और अधिकारीगण
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नारनौल में रायपुर पाटन बांध ओवरफ्लो... गांवों में अलर्ट
राजस्थान के पहाड़ी क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से नारनौल में रायपुर पाटन बांध ओवरफ्लो हो गया है। इससे शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे से बांध के ऊपर से पानी बहने लगा है। नांगल चौधरी के ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया गया है। पानी रायपुर बांध से निकलकर कृष्णावती नाले में पहुंच रहा है। लोगों का कहना है कि यदि बांध का पानी गांव धांधेला होता हुआ गांव छाजा के नांगल तक पहुंच गया है।
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हिसार राजगढ़ रोड स्थित रामनगर में घर में भरा पानी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सीएम ने किया दौरा, कहा-पोर्टल पर करें आवेदन, नुकसान की भरपाई करेगी सरकार
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जलभराव से जो समस्याएं उत्पन्न हुई है, उनका सरकार स्थायी समाधान निकालेगी। किसान ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आवेदन करें। सरकार उनके नुकसान की भरपाई करेगी। सीएम ने शनिवार को कुरुक्षेत्र में झांसा हेड पर मारकंडा से प्रभावित इलाकों का दौरा किया।
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नारनौंद में गुराना के पास सिंघवा राघो माइनर पर बहता पानी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सीएम ने दिलासा दिया कि इस आपदा की स्थिति में सभी अधिकारी, जनप्रतिनिधि, विधायक व मंत्री लोगों के बीच जा रहे हैं। सरकार और प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर काम कर रहे है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों के स्थायी समाधान को लेकर विशेष योजना तैयार करें, ताकि भविष्य में आमजन को इस स्थिति और समस्याओं का सामना न करना पड़े।
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सादुलपुर ट्रैक से गुजरती ट्रेन और पास में जलभराव
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उन्होंने कहा कि खराब हुई सड़कों, बांधो, पुलों सहित अन्य कामों को शुरू करवाया जाएगा। इससे पहले सीएम ने चंडीगढ़ में प्रेसवार्ता कर कहा कि प्रदेश सरकार बारिश के बाद बनी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। पहले भी सरकार की तरफ से किसानों को मुआवजा दिया गया था। इस बार भी मुआवजा दिया जाएगा।
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हिसार के गांव कैमरी के पास टूटी घग्गर ड्रेन को पोकलेन और मजदूरों की मदद से दुरस्त करने का प्रयास
- फोटो : अमर उजाला
हरियाणा : 24 से अधिक मौतें... फसलें बर्बाद
हरियाणा के 12 जिले बाढ़ जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं। 27 साल बाद सामान्य से 48% ज्यादा बारिश से चारों प्रमुख नदियां यमुना, मारकंडा, टांगरी और घग्घर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। अंबाला, फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, कैथल, रोहतक, पलवल, सिरसा व दादरी के हजारों घर पानी में घिरे हैं।
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बहादुरगढ़ में ड्रेन बनी आफत
- फोटो : अमर उजाला
अब तक 24 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। 1.92 लाख किसानों की 11 लाख एकड़ फसल को नुकसान पहुंचा है। पलवल, फरीदाबाद, फतेहाबाद, भिवानी, कुरुक्षेत्र व अंबाला में 2,247 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।
हिसार के मिर्जापुर गांव में जलभराव वाले क्षेत्रों से सामान ले जाते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं। झज्जर के बहादुरगढ़ में सेना के जवान भी बचाव अभियान में जुटे हुए हैं। हाल ये है कि प्रदेश के पांच नेशनल हाईवे पर यातायात बाधित चल रहा है।