Haryana: सिरसा, फतेहाबाद और कैथल में घग्गर का रौद्र रूप...तटबंध टूटने से गांव जलमग्न, बहादुरगढ़ में सेना बुलाई
Sat, 06 Sep 2025 10:43 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़/हिसार/करनाल/रोहतक
सार
पहाड़ से मैदानों तक बारिश में कमी आने के बाद हरियाणा में नदियों के जलस्तर में शुक्रवार को कमी आई है। जीटी बेल्ट में मारकंडा, राक्षी व कैथल में घग्गर को छोड़कर यमुना, टांगरी, बेगना समेत सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे बहने लगी हैं लेकिन खतरा अभी टला नहीं है।
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बहादुरगढ़ में मजारी गांव को दिल्ली से जोड़ने वाली सड़क को तोड़ बहता पानी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बारिश कुछ थमी तो हरियाणा में नदियों के जलस्तर में शुक्रवार को कुछ जिलों में कमी आई लेकिन कुछ जिलों में अब भी घग्गर व मारकंडा का पानी तटबंध तोड़ खेतों और आबादी में पहुंच रहा है। कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में मारकंडा अब भी उग्र है और सिरसा, फतेहाबाद, कैथल में घग्गर का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
जीटी रोड बेल्ट में काफी तबाही मचाने के बाद यमुना, टांगरी, मारकंडा, राक्षी व बेगना नदियां खतरे के निशान से नीचे आ गई हैं। फिर भी खतरा अभी टला नहीं है। शुक्रवार को भी जलभराव व बारिश से हुए हादसों के कारण पांच लोगों की मौत हो गई।
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झज्जर के बहादुरगढ़ में तटबंध को मजबूत करने में जुटे श्रमिकों की मदद करते सेना के जवान
- फोटो : सूचना विभाग
झज्जर के बहादुरगढ़ में जलभराव से निपटने के लिए सेना के जवानों ने मोर्चा संभाल लिया है। जवान सिंचाई विभाग व एनडीआरएफ की टीमों के साथ मुंगेशपुर ड्रेन के तटबंध को मजबूत करने में जुटे हैं।
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बहादुरगढ़ में मजारी गांव को दिल्ली से जोड़ने वाली सड़क को तोड़ बहता पानी
- फोटो : संवाद
सीमा से सटे गांवों में छह फीट तक पानी भरा
मुंगेशपुर ड्रेन ओवरफ्लो होने के कारण दिल्ली की सीमा से सटे गांवों में छह फीट तक पानी भरा है। 3000 लोग घरों में कैद हैं। जलभराव से अंबाला में जान गंवाने वाले अनिल (50) का शव टांगरी से मिला है।
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कुरुक्षेत्र में मारंकड़ा के उफान पर
- फोटो : संवाद
वह वीरवार को पानी में डूबी टैगोर कॉलोनी में परिवार को दूध पहुंचाने गया था। कुरुक्षेत्र में मारंकड़ा के उफान पर होने के चलते चनालहेड़ी के अरुण (19) की बीबीपुर झील में डूबने से मौत हो गई। फतेहाबाद के गांव मंगेड़ा में मकान की छत गिरने से परिवार के मुखिया पवन कुमार (40) की मौत हो गई जबकि उनकी पत्नी और दो बच्चे घायल हो गए।
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पानी के तेज बहाव से तटबंध और ड्रेनें लगातार टूट रही।
- फोटो : संवाद
इसके अलावा फरीदाबाद के शिव एनक्लेव 3 से लापता हुए ससुर सागर और दामाद बंटी का शव जलभराव में डूबा मिला है। भले ही नदियों का बहाव कम होने लगा है लेकिन तेज बहाव से तटबंध और ड्रेनें लगातार टूट रही हैं। शुक्रवार को यमुनानगर के टापू कमालपुर में सुबह होने से तीन दिन में लगाए मिट्टी के कट्टे बह गए।
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कुरुक्षेत्र में दर्जनों गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा।
- फोटो : संवाद
कुरुक्षेत्र में नैसी गांव के पास एक और स्थान पर तटबंध टूट गया है, जिससे दर्जनों गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। सिरसा के गांव झोरड़नाली के पास कच्चा तटबंध टूट गया। हिसार में भी पातन, गुराना, कैमरी के पास घग्गर ड्रेन टूट गई। रोहतक के सांपला में भी शुक्रवार को पाकस्मा-गांधरा ड्रेन ओवरफ्लो हो गया।
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हरियाणा के कई जिलों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न
- फोटो : संवाद
हरियाणा में 48 फीसदी ज्यादा बारिश, साढ़े आठ लाख एकड़ फसल खराब
लगातार बारिश व नदियों का जलस्तर बढ़ने से हरियाणा के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। हरियाणा में मानसून के मौसम में अब तक सामान्य से 48 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है। इससे कुल 8,66,927 एकड़ कृषि भूमि को नुकसान हुआ है। वहीं, राज्य सरकार ने फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर जिलों में मकान ढहने से मारे गए 11 लोगों के परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए 44 लाख रुपये (प्रत्येक को 4 लाख रुपये) की अनुग्रह सहायता भी जारी की है।
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बाढ़ के पानी से गुजरते लोग।
- फोटो : संवाद
वित्त आयुक्त, राजस्व, डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया, फतेहाबाद, झज्जर, कुरुक्षेत्र और महेंद्रगढ़ जिलों में सामान्य से काफी अधिक बारिश हुई है। सभी उपायुक्तों और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (डीडीएमए) को निर्देश दिया गया है कि वे हाई अलर्ट पर रहें और अपने-अपने क्षेत्राधिकार में जनता को मौसम संबंधी चेतावनियां और सुरक्षा सलाह समय पर उपलब्ध कराएं।
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सड़क पर भरे पानी में ट्रेक्टर-ट्राली लेकर आते हुए किसान।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
राज्य सरकार ने 15 सितंबर, 2025 तक ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खुला रहेगा, जो प्रभावित किसानों के लिए व्यवस्थित फसल क्षति आकलन और मुआवजे की सुविधा के लिए 2,687 गांवों को कवर करेगा। 1,46,823 किसान पहले ही पोर्टल पर पंजीकरण करा चुके हैं।
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सिरसा के गांव मल्लेवाला व नेजाडेला के पास बांध से आधा फुट नीचे बहती हुई घग्गर नदी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बाढ़ प्रभावित 2247 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया
डॉ. मिश्रा ने बताया कि बारिश से प्रभावित 2,247 लोगों को सकुशल राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। खासकर पलवल, फरीदाबाद, फतेहाबाद, भिवानी, कुरुक्षेत्र और अंबाला जिलों में। एसडीआरएफ की सात इकाइयां पलवल, यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल और फरीदाबाद में रणनीतिक रूप से तैनात की गई हैं, जबकि एनडीआरएफ की टीमें पलवल में अतिरिक्त विशेष सहायता प्रदान कर रही हैं।
सिरसा में घग्गर नदी उफान पर बहती हुई।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत उपायों के लिए जिलों को कुल 3.06 करोड़ रुपये की आरक्षित निधि स्वीकृत की है। शहरी क्षेत्रों में जल निकासी कार्यों के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को आरक्षित निधि के रूप में 50 लाख रुपये जारी किए गए हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी, दोनों बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का व्यापक कवरेज सुनिश्चित हो सके।