महंत अवैद्यनाथ की फाइल फोटो।
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जब सभी संत घर जाने लगे तो राजा डोम के घर की महिलाएं भावुक होकर रोने लगी। उन्होंने कहा कि 'आज मनु जाने है कि हमहू हिंदू हैं।' इसपर महंत अवैद्यनाथ ने कहा हिंदूओं में छुआछूत कहीं नहीं है, हम इसी अभियान पर निकले हैं। सब हिंदू हमारे भाई हैं, इस भाईचारे को मजबूत करना हर हिंदू का कर्तव्य है। बता दें कि गोरक्षपीठ में आज भी उसी परंपरा का निर्वहन कर रहा है, शायद यही वजह है कि मंदिर के मुख्य पुजारी कमलनाथ दलित समाज से आते हैं। इसके बावजूद भी वे गोरक्षपीठाधीश्वर हैं।