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इंदिरा गांधी ने आपातकाल के बाद देवरहा बाबा से लिया था आशीर्वाद, इस वजह से 'पंजा' को बनाया था चुनाव चिह्न

Thu, 19 Nov 2020 03:31 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, देवरिया।
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पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और कांग्रेस का चुनाव चिह्न। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
आज पूरे देश में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का 103वां जन्मदिन मनाया जा रहा है। इंदिरा गांधी भारत की पहली और एकमात्र महिला प्रधानमंत्री रही हैं। जनवरी 1966 से लेकर मार्च 1977 तक और फिर जनवरी 1980 से लेकर अक्तूबर 1984 (जब इंदिरा की हत्या हुई) तक देश की प्रधानमंत्री रहीं। आज हम आपको इनसे जुड़ी एक खास और रोचक कहानी बताने जा रहे हैं। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें पूरी कहानी..
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देश में आपातकाल के बाद चुनाव हुए, तो इंदिरा गांधी हार गई थीं। कहते हैं कि वह यूपी के देवरिया जिले में देवरहा बाबा से आशीर्वाद लेने गईं। बाबा ने उन्हें हाथ उठाकर पंजे से आशीर्वाद दिया।

 
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कांग्रेस। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
वहां से लौटने के बाद इंदिरा गांधी ने कांग्रेस का चुनाव चिह्न हाथ का पंजा ही तय किया। इसी चिह्न पर 1980 में इंदिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने प्रचंड बहुमत प्राप्त किया और वे देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं।

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देवरहा बाबा। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
जिस बाबा से इंदिरा गांधी ने आशीर्वाद लिया था, वह देवरिया जिले के रहने वाले थे। ऐसे में उनका नाम देवरहा पड़ा। कुछ मान्यताओं के अनुसार, वह दैवीय शक्तियों से संपन्न थे, इसलिए उन्हें भक्तों ने देवरहा बाबा कहा। आयु, योग, ध्यान और आशीर्वाद, वरदान देने की क्षमता के कारण लोग उन्हें सिद्ध संत कहते थे।
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देवरहा बाबा। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
उनके अनुयायियों का मानना है कि वह 250 से 500 वर्ष तक जीवित रहे। 19 जून 1990 के दिन अपना शरीर छोड़ने वाले देवरहा बाबा की चमत्कारी शक्ति को लेकर तरह-तरह की बातें कही-सुनी जाती हैं।

 
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