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बेटे के हाथ में पिस्टल देख बाथरूम की ओर भागे थे पिता, मांगते रहे जिंदगी की भीख फिर भी नहीं बची जान

Tue, 03 Mar 2020 08:31 AM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
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बेटे ने दवा कारोबारी मारी थी गोलियां। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर में 13 फरवरी की दोपहर में एक खबर आती है कि दवा कारोबारी सईद अहमद ने बाथरूम के अंदर खुद को तीन गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। इसकी सूचना भी इकलौते बेटे अनस ने पुलिस को दी। पुलिस भी तेजी के साथ मामले की छानबीन में जुट गई लेकिन घर वालों के बयान सुनकर पुलिस वालों का माथा ठनक गया। वे इस केस को जितना सुलझाने की कोशिश करते, उसमें ये और उलझते चले जाते। आगे पढ़ें पुलिस ने कैसे किया हत्याकांड का खुलासा...
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बाएं आरोपी बेटा अनस, दाएं मृतक दवा कारोबारी सईद अहमद। - फोटो : अमर उजाला।
पुलिस ने रविवार को जब इस मामले का पर्दाफाश किया तो सभी हैरान रह गए। दरअसल, दवा कारोबारी सईद से बेटे अनस का 13 फरवरी को घटना से पहले घर को बेचने और पावर ऑफ अटार्नी कैंसल कराने को लेकर विवाद हुआ था। गुस्साए अनस ने सईद की आलमारी से लाइसेंसी पिस्टल निकालकर तान दी। यह देख सईद डर गए और खुद को बचाने के लिए बाथरूम की तरफ भागे। बाथरूम का दरवाजा बंद करते, इससे पहले ही अनस आ गया।
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पुलिस के गिरफ्त में अनस। (इनसेट में कारोबारी सईद) - फोटो : अमर उजाला
सईद ने अपने बेटे से जिंदगी की भीख मांगी लेकिन उसने बड़ी बेरहमी से पिता के सीने में तीन गोलियां दाग दी। बाथरूम में पिता की लाश देखकर अनस डर गया। उसने खुद को बचाने के लिए आत्महत्या की कहानी गढ़ दी। पुलिस के मुताबिक वह पिता को किसी भी कीमत पर रास्ते से हटाना चाहता था। इसी का नतीजा था कि एक-एक करके तीन गोली दागी गई ताकि वह जिंदा न बच सकें। बाथरूम में हत्या के बाद अनस किचन के रास्ते घर के दूसरे हिस्से में आया था।

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crime - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने मान लिया था आत्महत्या
तीन गोली लगने के बाद खुदकुशी की कहानी किसी के गले नहीं उतर रही थी। हालांकि कोतवाली पुलिस बेटे की कहानी को ही सच मान रही थी। अफसर कोतवाली पुलिस की बातों को आधा सच और आधा झूठ मान कर चल रहे थे। मतलब कहीं न कहीं यह गुंजाइश थी कि खुदकुशी भी हो सकती है। डीआईजी राजेश डी मोदक ने हस्तक्षेप कर पूरे मामले की मानीटरिंग एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता और एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ को सौंपी। उन्होंने निर्देश दिया कि इसे हत्या मानकर विवेचना की जाए। यही वजह थी कि फॉरेंसिक जांच में हैंडवॉश रिपोर्ट पर जोर दिया गया। यह रिपोर्ट बताने वाली थी कि सईद ने अपने हाथ से गोली चलाई थी या फिर किसी और ने गोली मारी थी। सईद अपने हाथ से गोली चलाते तो उनके हाथ में बारुद के कण जरूर आते क्योंकि खोखा निकलते समय कुछ कण हाथ में चिपक जाते हैं । पर जांच में सईद के हाथ में कोई कण नहीं मिले। इसके बाद स्पष्ट हो गया कि गोली किसी और ने मारी है, और हत्या कर उनके हाथ में लाइसेंसी पिस्टल पकड़ाई गई।
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प्रोपट्री के लिए बेटे ने की हत्या। - फोटो : अमर उजाला
पुलिस को बरगलाने में फंसा अनस
सीओ कोतवाली वीपी सिंह ने बताया कि हैंडवॉश रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर अनस के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार किया। सईद की मौत के बाद अनस ने ही पहले पुलिस को सूचना दी थी। कहा था कि पिता ने सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली, जबकि पुलिस ने जांच की तो उन्हें सीने में दो गोली और मारी गई थी। सईद का शव जिस तरह से बाथरूम में पड़ा था और हाथ में पिस्टल थी, वह परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से मेल नहीं खाते थे। हैंडवॉश रिपोर्ट आई तो पता चला कि दवा कारोबारी ने अपने हाथ से गोली नहीं चलाई थी। इससे साफ हुआ कि गोली किसी दूसरे ने मारी और पिस्टल मृत दवा कारोबारी के हाथ में रख दी। मामले को आत्महत्या दिखाने की कोशिश की गई। अनस ने पुलिस को कदम-कदम पर बरगलाया।
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