फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक ही परिवार के सात लोगों को उतार दिया गया था मौत के घाट, जानिए क्या हुआ था इस 'कत्लेआम' से पहले

Thu, 25 Jun 2020 08:48 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
विज्ञापन
1 of 6
crime360 - फोटो : अमर उजाला।
आज हम आपको गोरखपुर की एक ऐसी कत्लेआम की कहानी बताने जा रहे हैं, जिसे में एक ही रात में परिवार के सात लोगों का बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया था। इस घटना में एक अकेली जिंदा बची थी मासूम बच्ची, को हत्यारे मृत समझकर छोड़ दिए थे।
विज्ञापन

2 of 6
crime360 - फोटो : अमर उजाला।
घटना 20 नवंबर 2001 की है। इस कत्लेआम में मारे गए लोगों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कातिलों की बर्बरता का खुलासा हुआ। पुलिस की जांच रिपोर्ट भी चौंकाने वाली थी। वारदात को अंजाम देने वालों में उन लोगों का नाम आया, जिनको भोजन खिलाकर पेट भरा था।
विज्ञापन

3 of 6
crime360 - फोटो : अमर उजाला।
लगभग 19 साल पहले गोरखपुर के रूस्तमपुर के शिवाजी नगर कॉलोनी में बैंककर्मी राकेश राय के परिवार के सात लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया था। बेरहमी ऐसी की देखकर किसी की भी रूह कांप जाए। तीन मासूम बच्चों को दीवाल पर पटक-पटक कर मारा गया था। अगली सुबह जब छठ पर्व को लोग घरों से निकले और राकेश राय के घर कर खुला दरवाजा देखकर जो भी अंदर गया उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। पड़ोसी अमित सिंह बताते हैं कि यकीन मानिए बच्चों की लाश देखकर गश आ गया था। बस एक ही सवाल था, कौन हो सकता है, इतना बड़ा दरिंदा ?

4 of 6
crime360 - फोटो : अमर उजाला।
इन सब के बीच एक कोने पर राकेश की बेटी पड़ी थी। सिर से खून बह रहा था, सांसे उखड़ी-उखड़ी चल रही थी। किसी की हिम्मत नहीं थी कि वह उसके पास तक जा सके। पुलिस मौके पर पहुंचकर उसको अस्पताल में भर्ती कराया गया। सिर पर चोट आने की वजह से होश आने में भी लंबा समय लग गया था। कई महीनों तक वह सदमे में रही।
विज्ञापन

5 of 6
crime360 - फोटो : अमर उजाला।
मौत को खुद बुलाया था
पुलिस की जांच में तब सामने आया था कि बदमाश वारदात के लिए जगह चिह्नित करने दोपहर में राकेश के घर भीख मांगने के बहाने गए थे। भूखा समझकर उनकी पत्नी ने घर में दो लोगों को बुलाकर भर पेट भोजन कराया था तब उन्हें भी नहीं बता था कि जिसे वह निवाला दे रही हैं वहीं रात में उन्हें और परिवार को मौत के घाट उतार देगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
crime360 - फोटो : अमर उजाला।
बेबस भरी नजरों से बच्चों की मौत देखा था परिवार
पोस्टमार्टम में जो जिक्र था उसके मुताबिक राकेश को मारने के बाद बच्चों को मारा गया था फिर परिवार के अन्य सदस्यों को मौत के घाट उतारा गया था। उस समय को सोचिए जब सिर पर मौत खड़ी हो मालूम हो कि मरना ही है और सामने ही छोटे छोटे बच्चों को बेरहमी से मारा जा रहा हो। यानी दरिंदगी की मौत से पहले की क्रूरता ने उस परिवार को पूरी तरह से तोड़ दिया था। बाद में होश में आई बेटी ने भी इसकी पुष्टि की थी कि हम लोगों के सामने ही बच्चों को मारा गया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें