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बलराम अपहरण हत्याकांड: साहब! 20 लाख देने को तैयार था फिर भी बेटे को मार डाला, रविवार रात में 9 बजे आई थी आखिरी कॉल

अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 28 Jul 2020 09:26 AM IST
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kidnapped student found dead - फोटो : अमर उजाला
रविवार रात 9 बजे थे। आखिरी बार अपहरणकर्ताओं का फोन आया और गोरखपुर के बलराम के पिता महाजन ने बीस लाख रुपये देने की हामी भी भर दी। मगर, तब तक अपहरण करने वालों को संदेह हो गया था कि वे पकड़े जाएंगे और शायद इसी वजह से उन्होंने बलराम को मौत के घाट उतार दिया। बेटे को गंवा चुके पिता की अब एक ही मांग है कि अपहर्ताओं को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि फिर किसी के साथ इस तरह की वारदात ना हो।
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मृतक का पिता - फोटो : अमर उजाला
जानकारी के मुताबिक, शव को एक बोरे में ठूंस कर फेंका गया था। शरीर नीला पड़ गया था, जहर देकर मारे जाने की पुष्टि भी हो गई है, मगर इस क्रूरता के पीछे की असल वजह अब भी सामने नहीं आ सकी है। पुलिस एक-एक पहलू पर जांच कर रही है कि आखिर अपहरण और हत्या के पीछे क्या वजह है ? एसएसपी का कहना है कि अपहर्ता भी यह जानते थे कि पीड़ित परिवार इतना रुपया नहीं दे सकता है, फिर भी एक करोड़ की मांग की गई। 

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kidnapped student found dead - फोटो : अमर उजाला
गोपनीयता बरतने में नाकाम रही पुलिस
अपहरण के खुलासे के मामले में सर्वाधिक महत्वपूर्ण होता है गोपनीयता। अपहरण हुआ, अपहरणकर्ताओं ने परिवार से संपर्क साधा। फिरौती मांगी। ये सारे तथ्य पूरी तरह से गोपनीय रहने पर ही अपह्त की जीवन रक्षा और अपहरणकर्ताओं तक पहुंचना संभव हो पाता। इस मामले में पुलिस पूरी तरह से विफल रही। आलम यह था कि रविवार की रात तक घटना सोशल मीडिया पर पूरी तरह से वायरल हो चुकी थी। 
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ऑटो में बच्चे का शव - फोटो : अमर उजाला
देर रात पुलिस को होश आया कि अगर ये खबर अखबारों में विस्तार से छप गई तो  बच्चे की जान को खतरा हो सकता है। रात करीब एक बजे एसपी नार्थ अरविंद पांडेय ने शहर के प्रमुख अखबारों से संपर्क साधना शुरू किया। यह वह वक्त था, जब ज्यादातर अखबारों के संस्करण छूट चुके थे। जिन अखबारों के संस्करण नहीं छूटे थे, या प्रिटिंग चल रही थी, उन्होंने एक बच्चे की जान की खातिर मशीन रोककर जो भी संभव था किया, मगर समय से चेतने से जो फायदा हो सकता था, उसे पुलिस ने गंवा दिया।   

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मृतक की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
छह भाई बहनों में पांचवें नंबर पर था बलराम
बिंटू, रेनू, गोली, सत्या, खुशी भाई बहनों में बलराम पांचवें पर था। पांचवीं कक्षा में पढ़ रहा था और घर के पास ही एक स्कूल में पढ़ने जाता था। घरवालों की माने तो वह पढ़ने में बहुत होनहार था।

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मृतक के घर लगी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
सात किलोमीटर दूर मिला शव
बलराम का शव घर से करीब सात किलोमीटर दूर बोरे में मिला। आशंका है कि रविवार देर शाम ही उसकी हत्या कर दी गई और फिर बोरे में भरकर अंधेरे में शव को लेकर जाकर फेंक दिया गया। 
 

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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
अपहरणकर्ताओं में से कोई एक मेडिकल प्रोफेशन से जुड़ा
जिस तरह से जहरीले इंजेक्शन की मदद से बलराम की हत्या की गई है, उससे एक संकेत तो साफ है कि कातिलों में से कोई एक मेडिकल प्रोफेशन से जुड़ा हो सकता है शरीर पर कहीं भी चोट के निशान नहीं दिखे है। शरीर पूरी तरह से नीला पड़ गया था।

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मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
पुलिस की सख्ती पर उगले राज
पुलिस सूत्रों की माने तो अपहरण के आरोप में जिन दो संदिग्ध को पकड़ा गया है, उनसे सख्ती से पूछताछ के बाद ही पूरा मामला खुला है। उन दोनों ने ही बताया कि रविवार को ही हत्या करने के बाद शव को ले जाकर फेंका गया था।

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