इस मसले पर महिलाओं का एक तबका आवाज उठाता रहा है। सोशल मीडिया पर #WeWantPockets जैसे हैशटेग के जरिए मुहिम भी चलाई गई हैं। इसमें महिलाएं छोटी पॉकेट की समस्या और पॉकेट को लेकर हो रहे भेदभाव पर चर्चा करती रही हैं।
कुछ समय पहले ही लंदन की एक महिला ने अपनी दोस्त की शादी का फोटो ट्वीट किया था। इसमें दुल्हन के वेडिंग गाउन में पॉकेट थीं और इसके कारण ये पोस्ट वायरल हो गया और महिलाओं को पॉकेट की जरूरत पर चर्चा छिड़ गई।इस मसले पर ज्यादा चर्चा विदेशों में हुई है लेकिन भारत में भी अब आवाज उठने लगी है।
STOP EVERYTHING so one of my friends got married yesterday and she had POCKETS ON HER WEDDING DRESS which is just the best thing I have ever seen. pic.twitter.com/3A0PF3102V
— Esther Kezia Thorpe (@EstherKeziaT) September 2, 2018
जैसे अमूमन जींस पहनने वालीं पत्रकार ज्योति राघव मानती हैं, "पॉकेट तो भारतीय परिधानों में भी होनी चाहिए। उनमें पॉकेट नहीं बनाई जातीं इसलिए महिलओं को बैग रखना पड़ता है। वरना वो भी बिना बैग की चिंता किए बेफिक्री से रहतीं। उन्हें छुट-पुट सामान रखने के लिए किसी दूसरे की मदद नहीं लेनी पड़ती।"