रश्मिका–विजय के वेडिंग आउटफिट की डिटेल
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सोने से लदी दुल्हन
हर दुल्हन खूबसूरत होती है लेकिन दक्षिण भारतीय दुल्हनों का लुक उन्हें सबसे अलग और खास बना देता है। एक नजर में ही पता चल जाता है कि दुल्हन दक्षिण भारतीय है। उसका लुक तमिलनाडु, केरल आंध्र और कर्नाटक की समृद्धि, संस्कृति और परंपरा का प्रतीक होता है। यहां की दुल्हनें रेशम की साड़ी, भारी भरकम सोने के जेवर पहनती हैं। दक्षिण भारत में दुल्हन का गोल्ड लुक सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है।
दक्षिण भारतीय दुल्हन के खास आभूषण
इस तरह के आभूषण मंदिरों की मूर्तियों से प्रेरित होते हैं। देवी-देवताओं की आकृतियां, लक्ष्मी मोटिफ और पारंपरिक नक्काशी इसकी पहचान है। ऐतिहासिक रूप से यह शैली चोल और पांड्य काल यानी 9वीं–13वीं सदी में विकसित हुई, जब मंदिर संस्कृति अपने चरम पर थी।
वांकी पारंपरिक दक्षिण भारतीय आभूषण है जिसे बाजूबंद या आर्मलेट (Armlet) कहा जाता है। दुल्हन के बाजू पर पहना जाने वाला V-शेप आर्मलेट शक्ति और सौंदर्य का प्रतीक है।
ओड्डियनम दक्षिण भारतीय दुल्हनों द्वारा पहने जाने वाला पारंपरिक कमरबंद है जो कि भारी सोने का होता है। ये कमरबंद साड़ी को संभालने के साथ-साथ रॉयल लुक देता है।
ये दोनों ही माथे की ज्वेलरी हैं जो दुल्हन को देवी जैसी आभा देती है। नेथी चुट्टी का मतलब माथा पट्टी से है।