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South India Wedding Fashion: क्यों दक्षिण भारतीय दुल्हन पहनती हैं इतना सोना? जानिए इसके पीछे का इतिहास

Sat, 28 Feb 2026 04:41 PM IST
Shivani Awasthi लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Rashmika Vijay Wedding Look: दक्षिण भारतीय शादियां सिर्फ एक समारोह नहीं होतीं, वे संस्कृति, आध्यात्म और शाही ठाठ का संगम होती हैं। जहां एक ओर दुल्हन सोने के गहनों से लदी नजर आती है, वहीं दूल्हा भी पारंपरिक वेशभूषा में उतना ही राजसी दिखता है।
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दक्षिण भारतीय दुल्हन का लुक - फोटो : Amar ujala

South Indian Weddings: हाल ही में दक्षिण भारतीय सिनेमा के दो सुपर स्टार्स रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने उदयपुर में पूरे रीति रिवाजों से शादी की। उनकी शादी में सबसे खास रहा दोनों का लुक। जहां अब लोग पेस्टल रंग, मिनिमलिस्ट फैशन और स्टाइल को अपना रहे हैं, वहीं रश्मिका और विजय ने दक्षिण भारतीय शादी की सदियों पुरानी चली आ रही परंपरा को अपनाते हुए भारी भरकम सोने के गहनें पहनें। उन्होंने पारंपरिक परिधान को अपनाया। उनका लुक सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद से काफी चर्चा में है।

रश्मिका और विजय देवरकोंडा की शादी की तस्वीरें सामने आने के बाद, उनके लुक ने एक बार फिर साबित कर दिया कि साउथ इंडियन शादियों का फैशन परंपराओं और संस्कृति पर टिका है, वक्त पर नहीं।

दक्षिण भारतीय शादियां सिर्फ एक समारोह नहीं होतीं, वे संस्कृति, आध्यात्म और शाही ठाठ का संगम होती हैं। जहां एक ओर दुल्हन सोने के गहनों से लदी नजर आती है, वहीं दूल्हा भी पारंपरिक वेशभूषा में उतना ही राजसी दिखता है। दक्षिण भारतीय शादी का मतलब है, इतिहास, विरासत और आध्यात्म का जीवंत रूप। सोने की चमक, रेशम की गरिमा और सदियों पुरानी परंपराएं इसे हर बार खास बनाती हैं।

आइए जानते हैं कि दक्षिण भारतीय शादियों में ऐसा क्या खास है, जो इन्हें दुनिया भर में अलग पहचान देता है।

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रश्मिका–विजय के वेडिंग आउटफिट की डिटेल - फोटो : instagram

सोने से लदी दुल्हन

हर दुल्हन खूबसूरत होती है लेकिन दक्षिण भारतीय दुल्हनों का लुक उन्हें सबसे अलग और खास बना देता है। एक नजर में ही पता चल जाता है कि दुल्हन दक्षिण भारतीय है। उसका लुक तमिलनाडु, केरल आंध्र और कर्नाटक की समृद्धि, संस्कृति और परंपरा का प्रतीक होता है। यहां की दुल्हनें रेशम की साड़ी, भारी भरकम सोने के जेवर पहनती हैं। दक्षिण भारत में दुल्हन का गोल्ड लुक सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है।

दक्षिण भारतीय दुल्हन के खास आभूषण

 

  • टेंपल ज्वेलरी

इस तरह के आभूषण मंदिरों की मूर्तियों से प्रेरित होते हैं। देवी-देवताओं की आकृतियां, लक्ष्मी मोटिफ और पारंपरिक नक्काशी इसकी पहचान है। ऐतिहासिक रूप से यह शैली चोल और पांड्य काल यानी 9वीं–13वीं सदी में विकसित हुई, जब मंदिर संस्कृति अपने चरम पर थी।
 

  • वांकी या बाजूबंद

वांकी पारंपरिक दक्षिण भारतीय आभूषण है जिसे बाजूबंद या आर्मलेट (Armlet) कहा जाता है। दुल्हन के बाजू पर पहना जाने वाला V-शेप आर्मलेट शक्ति और सौंदर्य का प्रतीक है।
 

 

  • ओड्डियनम या कमरबंद

ओड्डियनम दक्षिण भारतीय दुल्हनों द्वारा पहने जाने वाला पारंपरिक कमरबंद है जो कि भारी सोने का होता है। ये कमरबंद साड़ी को संभालने के साथ-साथ रॉयल लुक देता है।
 

  • मांग टीका और नेथी चुट्टी

ये दोनों ही माथे की ज्वेलरी हैं जो दुल्हन को देवी जैसी आभा देती है। नेथी चुट्टी का मतलब माथा पट्टी से है।
 

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नागा चैतन्य-शोभिता धुलिपाला  - फोटो : इंस्टाग्राम@sobhitad

कांचीपुरम साड़ी

इस फेब्रिक को रेशम की रानी कहा जा सकता है। ये दक्षिण भारत की शान है। अगर कोई दक्षिण भारतीय शादी है तो कांजीवरम सिल्क साड़ी पहनना लगभग तय है। कांचीपुरम में बनने वाली ये साड़ियां अपने भारी बॉर्डर, जरी वर्क और चमकीले रंगों के लिए जानी जाती हैं। इनकी खासियत है,

  • शुद्ध मुलबरी सिल्क

  • परंपरागत रूप से असली सोने-चांदी की जरी 

  • पीढ़ियों तक चलने की क्षमता

दुल्हन अक्सर लाल, मैरून, गोल्डन या हरे रंग की कांजीवरम साड़ी पहनती है जो समृद्धि और मंगल का प्रतीक है।

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रश्मिका मंदाना-विजय देवरकोंडा की शादी की फोटोज - फोटो : इंस्टाग्राम

दूल्हा भी कम नहीं

दक्षिण भारतीय दूल्हे का लुक भी उतना ही प्रभावशाली होता है, जितना की दुल्हन का। दूल्हे की वेस्ठी और अंगवस्त्रम दक्षिण भारतीय शादी की शान होती है। वेस्ठी मतलब धोती जोकि पारंपरिक तौर पर सफेद या आफ व्हाइट रंग की होती है और सुनहरा बाॅर्डर होता है। अंगवस्त्रम कंधे पर डाला जाने वाला कपड़ा है। तमिल ब्राह्मण और तेलुगु शादियों में यह लुक सबसे ज्यादा लोकप्रिय है।
हालांकि कभी कभी दूल्हा सिल्क कुर्ता या शेरवानी का माॅडर्न ट्विस्ट भी अपनाते हैं।

एक आभूषण जो यहां की शादी में सबसे अहम होता है, वह है थाली, यानी मंगलसूत्र। यह अलग अलग समुदायों में अलग अलग डिजाइन का होता है

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दुल्हन - फोटो : Adobe

क्यों दक्षिण भारत की दुल्हन सोने से लदी रहती हैं?

दक्षिण भारतीय शादी की भव्यता की जड़ें हजारों साल पुरानी द्रविड़ संस्कृति में हैं। मंदिर स्थापत्य, भरतनाट्यम कॉस्ट्यूम और शास्त्रीय परंपराओं का असर शादी के परिधान और आभूषणों में साफ दिखता है।दक्षिण भारत में सोना निवेश और सुरक्षा का भी प्रतीक माना जाता है, इसलिए शादी में इसे विशेष महत्व दिया जाता है। आज सोशल मीडिया ने इस लुक को ग्लोबल बना दिया है। एनआरआई शादियों में भी कांजीवरम और टेंपल ज्वेलरी की मांग बढ़ रही है।

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