'अराधना', 'अमर प्रेम', 'कश्मीर की कली', 'वक्त', 'आमने-सामने' जैसी फिल्मों में यादगार अभिनय करने वाली शर्मिला टैगोर का जन्म 8 दिसम्बर, 1946 को हैदराबाद में हुआ था। अपने जमाने की काफी बोल्ड एक्ट्रेस रही शर्मिला का जन्म एक हिन्दू बंगाली परिवार में हुआ था।
विज्ञापन
2 of 11
sharmila tagore
- फोटो : twitter
एक्टिंग में अपने करियर की शुरुआत शर्मिला ने सत्यजीत रे की फिल्म 'अपुर संसार' से की थी, जो की बंगाली में थी। इस फिल्म में उनके अभिनय की बहुत सराहना की गई थी।
विज्ञापन
3 of 11
sharmila tagore
- फोटो : instagram
1964 में उनकी पहली बॉलीवुड फिल्म 'कश्मीर की कली' आई, जिसमें उनका अभिनय देख हर तरफ उनकी तारीफ होने लगीं।
4 of 11
sharmila tagore
- फोटो : instagram
फिल्म 'एन इवनिंग इन पेरिस' में पहली बार शर्मिला ने बिकिनी सीन किया। बता दें, बॉलीवुड में बिकिनी पहनने वाली शर्मिला पहली एक्ट्रेस हैं। फिल्म में बिकिनी सीन देकर उन्होंने बॉलीवुड में तहलका मचा दिया।
विज्ञापन
5 of 11
sharmila tagore
1968 में शर्मिला का एक और बिकिनी शूट सामने आया जो उन्होंने ग्लोसी फिल्म फेयर मैगजीन के लिए कराया था।
विज्ञापन
6 of 11
sharmila tagore
शर्मिला का बिकिनी से जुड़ा एक ऐसा किस्सा है, जिसने उनके पसीने छुड़ा दिए थे। दरअसल, ये बात उस समय की है जब उनका मंसूर अली खान पटौदी से अफेयर हुआ करता था। उन्हीं दिनों में वह फिल्म में अपने बिकिनी को लेकर हर तरफ छाई हुईं थीं।
विज्ञापन
7 of 11
sharmila tagore
मुंबई में जगह-जगह बड़े-बड़े होर्डिंग लगे हुए थे जिनमें शर्मिला बिकिनी पहने हुए थीं, तभी एक दिन शर्मिला को पता चला कि मंसूर अली खान पटौदी की मां उनसे मिलने मुंबई आ रही हैं। अब शर्मिला टैगोर के तो होश ही उड़ गए।
8 of 11
Sharmila Tagore
मंसूर की मां से मिलने से ज्यादा शर्मिला टैगोर को इस बात की चिंता कि अगर मंसूर की मां ने उनके बिकिनी वाले होर्डिंग देख लिए तो क्या होगा ? कहीं वो उन्हें रिजेक्ट तो नहीं कर देंगी ? क्या वो अपने बेटे से शर्मिला की शादी होने देंगी ? इन तमाम सवालों से शर्मिला बेहद परेशान हो गईं।
9 of 11
sharmila tagore
- फोटो : twitter
शर्मिला को कुछ समझ नहीं आ रहा था। हालांकि मंसूर अली खान पटौदी को शर्मिला के उन बिकिनी पोस्टर्स से कोई आपत्ति नहीं थी क्योंकि वो शर्मिला के प्रोफेशन की जरूरतों को समझते थे।
10 of 11
sharmila tagore
- फोटो : instagram
शर्मिला को जब कुछ नहीं सूझा तो उन्होंने अपनी उस फिल्म के प्रोड्यूसर को फोन किया और मुंबई की हर जगह से अपनी बिकिनी वाले पोस्टर हटवा दिए। देखा जाए तो शर्मिला टैगोर ने अपने और मंसूर अली खान के रिश्ते को बचाने की हर संभव कोशिश की और इसमें वो कामयाब भी रहीं।
फिल्म इंडस्ट्री के पूरे सफर में उन्हें अपने बेहतरीन अभिनय के लिए दो बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और दो बार फिल्मफेयर पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। भारतीय सिनेमा में अहम योगदान देने के अलावा वह सेंसर बोर्ड की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं।