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Nail Extension: लगाती हैं आर्टिफिशियल नेल? तो जान लें इसके फायदे और नुकसान

Tue, 11 Mar 2025 11:55 AM IST
श्रुति गौड़ लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हाथों की खूबसूरती में चार-चांद लगाते हैं नाखून। नेल एक्सटेंशन इसकी सुंदरता को और अधिक निखार देते हैं। लेकिन कहीं ये आपके नेचुरल नाखूनों को नुकसान तो नहीं पहुंचा रहे !
 
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लगाती हैं आर्टिफिशियल नेल? तो जान लें इसके फायदे और नुकसान - फोटो : instagram
ज्योति मौर्या

आजकल आर्टिफिशियल नेल्स यानी नेल एक्सटेंशन का चलन काफी बढ़ गया है। महिलाएं अपने हाथों की सुंदरता बढ़ाने के लिए इसका उपयोग करती हैं। आर्टिफिशियल नेल्स उन महिलाओं के लिए वरदान से कम नहीं हैं, जिनके नाखून की शेप अच्छी नहीं है या नाखून जल्दी नहीं बढ़ते। वैसे तो महिलाएं अक्सर खास मौकों पर आर्टिफिशियल नेल्स लगवाती हैं, लेकिन इस खूबसूरती के पीछे एक खतरा भी छिपा है।
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ढेर सारी खासियतें - फोटो : Adobe stock
ढेर सारी खासियतें

आर्टिफिशियल नेल्स नेचुरल नाखूनों के ऊपर लगाए जाते हैं। ये तीन तरह के होते हैं- जेल, एक्रेलिक और सिल्क। इन तीनों ही तरह के नेल्स को अलग-अलग तरीके से लगाया जाता है और इनकी खूबसूरती और चमक भी भिन्न होती है। कई तरह के आर्टिफिशियल नेल्स केवल नाखूनों की लंबाई बढ़ाने या आकार सुधारने के लिए लगाए जाते हैं। आर्टिफिशियल नेल्स की खासियत है कि इन पर नेल पेंट लंबे समय तक टिके रहते हैं।
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ढेर सारी खासियतें - फोटो : instagram
नुकसान भी हैं

आर्टिफिशियल नेल्स देखने में बेहद खूबसूरत नजर आते हैं। हालांकि अगर इन्हें सही तरीके से न लगाया जाए तो ये आपके नेचुरल नाखूनों को कमजोर कर नुकसान पहुंचा सकते हैं। वहीं अगर आर्टिफिशियल नाखून लंबे समय तक लगे रहते हैं तो इससे नेचुरल नाखूनों को बढ़ने में समस्या होती है।

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ढेर सारी खासियतें - फोटो : instagram
कृत्रिम होने के कारण ये काफी मजबूत भी होते हैं, जिस वजह से कई बार आपको परेशानी होती है। कई बार इनमें पानी और गंदगी भी फंसकर रह जाती है, जिससे बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं और संक्रमण हो सकता है। इसलिए आपको इनकी अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है।

 
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नाखून में फंगस - फोटो : instagram
नाखून में फंगस

नाखून की फंगस को ओनिकोमाइकोसिस कहते हैं। यह एक आम संक्रमण है। इस संक्रमण में आपके नाखून के ऊपरी किनारे के नीचे छोटे, सफेद या पीले धब्बे बनना शुरू हो जाते   हैं। धीरे-धीरे यह संक्रमण पूरे नाखून में फैल जाता है और उनका रंग बदल जाता है।
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नाखून में फंगस - फोटो : instagram
असल में, आर्टिफिशियल नाखून लगाने से पहले नेचुरल नाखून की सतह को खुरदरा किया जाता है। इससे त्वचा में छोटे-छोटे छेद बन जाते हैं, जिससे फंगस आसानी से त्वचा में प्रवेश कर जाता है। साथ ही इससे नाखूनों में प्राकृतिक चमक भी नहीं रह जाती, नेचुरल नेल्स टूटने लगते हैं और सही ग्रोथ भी नहीं कर पाते। आर्टिफिशियल नेल्स लगाने के दौरान कई केमिकल्स का यूज होता है, जिस वजह से नाखूनों पर कई तरह की समस्याएं दिखने लगती हैं।
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सावधानी बहुत जरूरी - फोटो : Adobe stock
सावधानी बहुत जरूरी 

आपको हमेशा आर्टिफिशियल नेल्स प्रोफेशनल्स से ही लगवाने और हटवाने चाहिए। इन नेल्स को लगाने के बाद नाखूनों की सफाई पर खास ध्यान दें। साथ ही नाखूनों पर इस्तेमाल होने वाले सभी उपकरणों को स्टरलाइज करके ही इस्तेमाल करें।
 
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नेचुरल नाखूनों को नुकसान - फोटो : Adobe stock
नेचुरल नाखूनों को नुकसान

डॉ. अमित कुमार मीणा, सीनियर रेजिडेंट त्वचा विज्ञान विभाग, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, दिल्ली का कहना है कि असल में, जब आप नकली नाखून लगवाती हैं तो पहले असली नाखूनों को घिसा जाता है, जिससे वे कमजोर हो जाते हैं। लंबे समय तक आर्टिफिशियल नेल्स लगाए रहने से नेचुरल नाखून पतले हो सकते हैं।

वहीं अगर नकली नाखून गलत तरीके से निकाले जाएं तो असली नाखूनों को नुकसान हो सकता है। नकली नाखूनों में बैक्टीरिया भी जमा हो सकते हैं, खासकर अगर उनकी ठीक से सफाई न की जाए। इसलिए नाखूनों की ठीक से देखभाल करें। उन्हें नियमित रूप से साफ करें, क्यूटिकल को पुश करें और मॉइश्चराइज करें। अगर आपको त्वचा में जलन या एलर्जी के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत किसी त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।
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