Padmavati
ये तीन चीजें बढ़ाती हैं खूबसूरती
नख से शिख तक आभूषण पहनने का रिवाज यहां शादी, पूजा और उत्सवों में आज भी प्रचलित है। शरीर के अंगों में विभिन्न प्रकार के ये आभूषण उसकी शोभा में चार चांद लगते हैं। माथे में बोरला, शीश फूल, रावड़ी और मांगटीका मुख्य हैं। रावड़ी को सुहाग चिह्न माना जाता है। चेहरे की सुंदरता के लिए अलग से कोई आभूषण नहीं है। आमतौर पर जो प्रांतों में पहनते हैं, लौंग-नथ और बुलाक। बुलाक ग्रामीण महिलाएं पहनती हैं। कानों में कर्णफूल और झुमका बहुत लोकप्रिय है। पीपल पत्रा कान के ऊपरी हिस्से में छेद करके पहनते हैं। यह रिंग के आकार का होता है। गांव की महिलाएं ही नहीं, बल्कि आजकल की लड़कियां भी कान में छेद कराके बहुत शौक से पहनती हैं।