खूबसूरत मुस्कान के सिकंदर शशि कपूर बॉलीवुड के पहले रोमांटिक चॉकलेटी हीरो के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने पर्दे पर अपने दमदार अभिनय से लाखों लोगों का दिल जीता। दर्शकों को उनकी हर फिल्म में उनका अलग ही रूप देखने को मिलता था। आइए देखते हैं उनकी ऐसी ही कुछ खास फिल्मों में उनके बदलते रूप की एक झलक।
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Shashi Kapoor
शशि कपूर ने अपना ये लुक साल 1965 में आई फिल्म 'जब जब फूल खिले' में रखा था। इस फिल्म की जबरदस्त कामयाबी ने न सिर्फ अभिनेत्री नंदा को बल्कि गीतकार आनंद बक्शी और संगीतकार कल्याणजी-आनंदजी को भी शोहरत की बुलंदियो तक पहुंचा दिया।
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Shashi Kapoor
शशि कपूर की खासियत यही थी कि वह अपने रोल में पूरी तरह रम जाते थे। उनका ये लुक उनकी फिल्म 'शर्मीली' से है। यह उनका अपना हुनर था कि वह उस दौर में व्यस्ततम कलाकारों में से एक थे। वो कभी खाली नहीं होते थे। मेहनती व्यवहार को देखकर उनके भाई राजकपूर उन्हें 'टैक्सी' के नाम से बुलाते थे
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शशि कपूर
शशि ने अपना ये लुक साल 1975 में रिलीज हुई फिल्म 'दीवार' में रखा था। इस फिल्म में वो एक ईमानदार पुलिस वाले का रोल निभा रहे थे। उनके साथ इस फिल्म में अमिताभ बच्चन ने भी अहम रोल निभाया था। इस फिल्म का एक डायलॉग 'मेरे पास मां है' पर हॉल में शशि के लिए जबरदस्त तालियां बजीं थी और आज लगभग तीन दशक बाद भी इस डायलॉग को कई तरीकों से सुना जा सकता है।
शशि कपूर की सुपरहिट फिल्म 'वक्त' की सफलता से बॉलीवुड में उनकी छवि रोमांटिक हीरो की बन गई। शशि कपूर ने साल 1976 में आई फिल्म 'कभी कभी' के अपने इस रोमांटिक डायलॉग से परदे पर आग लगा दी थी। फिल्म का ये डायलॉग 'मैं जरा रोमांटिक किस्म का आदमी हूं...शादी के बाद इश्क करना तो छोड़ दिया है...इस लिए बीवी से रोमांस करके काम चला लेता हूं' काफी फेमस हुआ था।