वारसा में आयोजित मिस व्हीलचेयर वर्ल्ड प्रतियोगिता में Aleksandra Chichikova पहली मिस व्हीलचेयर वर्ल्ड चुनी गयी हैं। Aleksandra बेलारूस की है और मनोविज्ञान की छात्रा है। इस प्रतियोगिता के पहले संस्करण में दक्षिण अफ्रीका की Lebohang Monyatsi इस प्रतियोगिता में दूसरे स्थान पर रहीं।
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23 वर्षीय चिचिकोवा ने इस प्रतियोगिता को जीतने के बाद कहा हमें अपनी चिंताओं और डर से लड़ना सीखना चाहिए। मिस व्हीलचेयर वर्ल्ड का ताज संभालें Aleksandra किसी परी से कम नहीं लग रही थीं।
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ये प्रतियोगिता पोलैंड में एक NGO द्वारा आयोजित की गई थी और वैश्विक स्तर पर पहली बार इस तरह की प्रतियोगिता थी। प्रतियोगिता 29 सितंबर से शुरू हुई थी और इसका फिनाले 7 अक्टूबर को हुआ। जिसमें 19 देशों की 24 युवा महिलाओं ने हिस्सा लिया।
ये महिलाएं चाहतीं तो हार मान सकती थीं। लेकिन उन्होंने अपने घुटने नहीं टेके। अपना सारा ध्यान अपने करियर को बनाने और फैशन ट्रेड में दिया। ये प्रतियोगिता इस बात का सबूत है कि आप किसी को उसकी कमजोरी के आधार पर माप नहीं कर सकते। मिस व्हीलचेयर वर्ल्ड में भारत की ओर से दावेदारी बेंगलुरु की राजलक्ष्मी ने पेश की थी।