इसका कारण है मेलानिन। आंखों का रंग जितना हल्का होगा, मेलानिन की मात्रा उसमें उतनी ही कम होगी। मेलानिन एक प्राकृतिक रंगद्रव्य पिगमेंट है, जो कि पृथ्वी के अधिकतर जीवों में पाया जाता है, हालांकि मकड़ियों जैसे भी गिनती के कुछ जीव हैं, जिनमें यह नहीं पाया जाता है। पशुओं में मेलानिन, टाइरोसीन नामक एक अमीनो अम्ल से बनता है। मेलानिन हर तरह की त्वचा में होता है। चाहे वह गोरी हो या संवाली। हर व्यक्ति के अंदर यह विभिन्न रूपों और अनुपात में मौजूद होता है। मेलानिन न सिर्फ त्वचा को रंग प्रदान करता है, बल्कि यह सूर्य की हानिकारक किरणों से भी त्वचा की रक्षा करता है। बता दें कि मेलानिन की कमी के कारण सिर्फ आंखों का रंग ही नहीं बदलता, बल्कि यह आपकी त्वचा और बालों के रंग को भी प्रभावित करता है। यदि मेलानिन कम हो तो आंखों का रंग हरा या नीला, बालों का रंग सुनहरा और त्वचा का रंग सफेद हो जाता है।