फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कीमोथेरेपी की वजह से झड़ गए हैं बाल तो परमानेंट मेकअप है उपाय, जानें इससे जुड़ी बातें

Wed, 16 Sep 2020 04:58 PM IST
अपराजिता शुक्ला लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : instagram/sonali bendre
कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से बच कर जिंदा बचे लोगों के लिए जिंदगी आसान नही होती। क्योंकि लगातार कीमोथेरेपी की वजह से बाल लगभग पूरे झड़ जाते हैं। यहां तक कि पलकें तक खत्म हो जाती हैं। ऐसे में परमानेंट मेकअप बढ़िया विकल्प हो सकती है। क्योंकि इसकी मदद से खोए हुए बाल वापस पाए जा सकते हैं। यहीं नहीं शरीर के और भी अंगों पर ये काम करता है। तो चलिए जानें परमानेंट मेकअप किस तरह से कैंसर पीड़ित मरीजों के लिए फायदेमंद है। 
विज्ञापन

2 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : instagram/tahira kashyap
मुंबई बेस्ड कॉस्मेटोलॉजिस्ट शगुन गुप्ता  के अनुसार ये उन लोगों के लिए किसी वरदान से कम नही है जो किसी वजह से अपनी सुंदरता को लेकर परेशान रहते हैं। हालांकि ये शरीर में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं करते बस प्राकृतिक सौंदर्य को उभारने का काम करता है। खासतौर पर कैंसर जैसी बीमारी से बचे हुए लोगों में पैदा कमी को दूर करने में मदद करता है। तो चलिए जानें किन अंगों पर परमानेंट मेकअप या पैरामेडिकल उपचार किया जा सकता है। 
विज्ञापन

3 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : instagram/sonali bendre
बालों का झड़ना 
कीमोथेरेपी से अक्सर सिर के बालों और आइलेश पर के बालों को नुकसान होता है । ऐसे में विभिन्न तकनीकों की मदद से परमानेंट मेकअप के जरिए सिर और पलकों के बालों को प्राकृतिक रूप से विकसित किया जाता है ।

4 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
आंखों को बढ़ाने में
एक परमानेंट आईलाइनर की सहायता से आंखों के वास्तविक प्राकृतिक सौंदर्य को उभार कर विकसित किया जा सकता है । आइलेश एक्सटेंसन की सहायता से लैशेस को बनाने का विकल्प भी मौजूद है।
विज्ञापन

5 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर
स्तन कैंसर में सहायक
निप्पल/अरेला को पुनः विकसित करने के लिये परमानेंट मेकअप का उपयोग काफी कारगर हैं । इस विधि से 3 डी अरेला भी बनाया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay
परमानेंट मेक-अप से होने वाले फायदे काफी सारे हो सकते हैं । हर दिन नए शोध किए जाते रहते हैं। लेकिन ये जानना जरूरी है कि यह उपचार कीमोथेरिपी शुरू होने के पहले या कीमोथेरेपी का कोर्स समाप्त होने के बाद ही किया जा सकता है । कीमोथेरेपी के दौर से गुजरते हुए यह उपचार नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें