नर्क चतुर्दशी या नर्क चौदस जिसे रूप चौदस के नाम से भी पहचाना जाता है, दीपावली के त्यौहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। मान्यता है कि इस दिन सुबह सूरज उगने से पहले उठकर, उबटन लगाकर स्नान करने और श्रृंगार के साथ तैयार होने से शुभता जीवन में आती है। इससे जुड़ी कई कहानियाँ और कथाएं भी कही जाती हैं। इन सबसे इतर अगर व्यवहारिक भाव से भी लें तो यह समझा जा सकता है कि चूंकि दीपावली के पहले साफ़-सफाई और रंग-रोगन के चलते हमारी त्वचा और पूरा शरीर भी धूल-गंदगी आदि के सम्पर्क में आता है, इसलिए यह एक विशेष दिन हमें अपनी देखभाल करने, खुद को पैम्पर करने का अवसर भी देता है, क्योंकि आखिर तो त्योहारों का मतलब सजने-संवरने से भी है।
इसलिए ही इस दिन विशेष उबटनों और श्रृंगार सामग्री का उपयोग कर खासकर महिलाएं और युवतियां रूप निखारती हैं। लेकिन यह त्यौहार केवल महिलाओं- युवतियों के लिए ही नहीं है। खुद को सजाना-संवारना और अपनी देखभाल करना एक व्यक्ति का अधिकार होता है। जानिए इस रूप रूप चौदस ऐसे चार उबटनों के बारे में, जो दीवाली की सारी थकान भी दूर करे और आपको बनाएं निखरा-संवरा।