How to Make Ayurvedic Shampoo at Home: आजकल ज्यादातर लोग केमिकल वाले शैंपू का इस्तेमाल करने से डरते हैं, क्योंकि इनमें मौजूद सल्फेट, पैराबेन और सिलिकॉन बालों को धीरे–धीरे कमजोर कर सकते हैं। यही वजह है कि लोग अब प्राकृतिक और सुरक्षित विकल्पों की ओर लौट रहे हैं।
ऐसे में हम आपको घर पर बने आयुर्वेदिक शैंपू के बारे में बताएंगे। आयुर्वेदिक शैंपू न केवल बालों की जड़ों को पोषित करता है, बल्कि स्कैल्प को भी स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसकी खास बात यह है कि इसे घर पर ही आसानी से तैयार किया जा सकता है। तो अगर आप अपने बालों को झड़ने, रुसी, रूखी स्कैल्प या टूटने की समस्या से बचाना चाहते हैं, तो घर का बना आयुर्वेदिक शैंपू आपके लिए बेस्ट विकल्प हो सकता है। ये सुरक्षित, असरदार और बजट–फ्रेंडली है।
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रीठा, आंवला और शिकाकाई शैंपू
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1. रीठा, आंवला और शिकाकाई शैंपू
इसे बनाने के लिए सबसे पहले 10 रीठा, 5 सुखी आंवला और 5 शिकाकाई लें। इन्हें रातभर पानी में भिगो दें। सुबह इस पानी को उबालें जब तक ये आधा न रह जाए। ठंडा होने पर छान लें। बस यही घर का बना नेचुरल शैंपू तैयार है। ये शैंपू बालों को प्राकृतिक चमक देता है और जड़ों को मजबूत करता है।
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एलोवेरा शैंपू
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2. एलोवेरा शैंपू
एलोवेरा शैंपू बनाने के लिए सबसे पहले एक कटोरी में 4 चम्मच एलोवेरा जेल लें। अब इसमें 2 चम्मच नींबू रस और थोड़ा पानी मिलाकर मिक्स करें। इसे स्कैल्प पर धीरे–धीरे मसाज करके लगा सकते हैं। ये स्कैल्प को सॉफ्ट रखता है और डैंड्रफ कम करने में मदद करता है।
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मेथी और नारियल पानी शैंपू
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3. मेथी और नारियल पानी शैंपू
इस शैंपू को बनाने के लिए सबसे पहले 2 चम्मच मेथी के दाने रातभर भिगो दें। सुबह इन्हें पीसकर नारियल पानी में मिलाएं। इसे स्कैल्प पर लगाएं और 10 मिनट बाद धो लें। ये बालों की ग्रोथ बढ़ाने और टूटने से बचाने में सहायक है।
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बरतें ये सावधानी
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बरतें ये सावधानी
1. पैच टेस्ट अवश्य करें
किसी भी घरेलू या आयुर्वेदिक शैंपू का उपयोग करने से पहले पैच टेस्ट करना बेहद जरूरी है। रीठा, आंवला, शिकाकाई, एलोवेरा या मेथी जैसे प्राकृतिक तत्व भी कुछ लोगों में एलर्जी पैदा कर सकते हैं। इसके लिए मिश्रण की थोड़ी मात्रा हाथ या गर्दन के पीछे लगाकर 10–15 मिनट छोड़ दें। अगर खुजली, जलन या लालपन नहीं होता तो आप इसे बालों में सुरक्षित रूप से इस्तेमाल कर सकते हैं।
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बरतें ये सावधानी
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2. ताज़ी सामग्री का ही उपयोग करें
घरेलू शैंपू में किसी प्रकार के प्रिज़र्वेटिव नहीं होते, इसलिए ताज़ी सामग्री ही इस्तेमाल करें। पुराना एलोवेरा जेल, लंबे समय तक रखा हुआ रीठा पानी या खराब आंवला–शिकाकाई स्कैल्प में इंफेक्शन, खुजली या बाल झड़ने जैसी समस्याएँ पैदा कर सकते हैं। हमेशा शैंपू को उसी दिन तैयार करें और बचा हुआ मिश्रण दोबारा न उपयोग करें।
हर व्यक्ति की स्कैल्प अलग होती है—किसी की ऑयली, किसी की ड्राई और किसी की सेंसिटिव। इसलिए शैंपू बनाते समय तत्वों का चयन अपनी स्कैल्प के अनुसार करें। ड्राई स्कैल्प वाले नींबू कम मात्रा में इस्तेमाल करें, जबकि ऑयली स्कैल्प वाले एलोवेरा और मेथी का अधिक उपयोग कर सकते हैं। यदि आपकी स्कैल्प पहले से इंफेक्टेड है या डैंड्रफ बहुत ज्यादा है, तो घरेलू उपाय शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।
डिसक्लेमर : इस लेख में दी गई सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला इस लेख में दी गई जानकारी को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। त्वचा संबंधी किसी भी तरह की अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।