फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्या है केराटीन और स्ट्रेटनिंग में अंतर, कराने से पहले जान लीजिए

Thu, 20 Sep 2018 05:21 PM IST
फैशन डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
keratin smoothening
खूबसूरत बालों की चाह हर महिला को होती है। इन दिनों बाजार में बालों के कई ब्यूटी ट्रीटमेंट जैसे रीबॉन्डिंग, स्मूदनिंग, स्ट्रेटनिंग और केराटीन डिमांड में हैं। बहुत सारी महिलाएं इन्हें लेकर कंफ्यूज रहती हैं। आइए जानते हैं केराटीन और स्ट्रेटनिंग में क्या अंतर है...
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
keratin smoothening
ब्यूटीशियन शिखा पटेल बताती हैं, कई महिलाओं को लगता है कि केराटीन ट्रीटमेंट और स्ट्रेटनिंग एक ही बात है। उन्हें लगता है केराटीन ट्रीटमेंट लेने से उनके बाल बिल्कुल स्ट्रेट हो जाते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। केराटीन ट्रीटमेंट और स्ट्रेटनिंग में बहुत अंतर होता है।
विज्ञापन

3 of 5
keratin smoothening
क्या होता है केराटीन ट्रीटमेंट
केराटिन एक केमिकल ट्रीटमेंट है। यह आपके बालों की खोई चमक और फ्रीजनेस को दूर करने में मदद करता है। एक्सपर्टस का मानना है कि जिस तरह उम्र के साथ महिलाओं की त्वचा पर असर पड़ता है वैसे ही बालों पर भी इसका फर्क पड़ता है। यह बालों को सिल्की लुक देने के साथ-साथ बालों को स्ट्रांग बनाता है। अगर आपके बाल बहुत गिरते है और फ्रीजी हो गये हैं तो यह आपके लिए बेस्ट आप्शन है।

4 of 5
keratin smoothening
इस ट्रीटमेंट में आपके बालों पर प्रोटीन की एक परत चढ़ाई जाती है, जिसे प्रेसिंग की मदद से आपके बालों में प्रोटिन लेयर को लॉक किया जाता है। इस ट्रीटमेंट से आपके बाल शाइनी होने के साथ-साथ पहले से थोड़े स्ट्रेट हो जाते हैं, लेकिन अगर आप यह सोच रही हैं कि आपके बाल बिल्कुल रीबॉन्डिंग या स्मूदनिंग की तरह स्ट्रेट हो जाएंगे तो आप गलत हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
keratin smoothening
केराटिन, रीबॉन्डिंग और स्मूदनिंग से बिल्कुल अलग है। कैराटिन बालों की फ्रीजनेस को दूर कर उन्हें रिपेयर करने का काम करता है वहीं रीबॉन्डिंग और स्मूदनिंग में बालों को स्ट्रेट किया जाता है। केराटिन में इस्तेमाल होने वाले प्रोडक्ट्स माइल्ड होते हैं जबकि रीबॉन्डिंग और स्मूदनिंग में इस्तेमाल होने वाले कैमिक्लस हार्ड होते हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें