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इस देश से पूरी दुनिया में फैला ब्यूटी प्रोडक्ट्स का खेल, पहली बार जानिए पूरी कहानी

Fri, 07 Jun 2019 04:28 PM IST
मोना नारंग फैशन डेस्क, अमर उजाला
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cleopatra
प्राचीन मिस्त्र के कई रहस्य हैं, लेकिन वहां की ब्यूटी ट्रिक्स को किसी से नहीं छुपी हैं। लोगों को लगता है कि अरबों डॉलर के उद्योग में विकसित हो चुकी मेकअप इंडस्ट्री आधुनिक जमाने की देन है, लेकिन ऐसा नहीं है। प्राचीन समय में भी मेकअप प्रोडक्ट्स लोगों की जिंदगी में इतने ही महत्वपूर्ण हुआ करते थे। मिस्र के साम्राज्य के शुरुआती काल में पुरुषों और महिलाओं दोनों मेकअप में आईलाइनर, आईशैडो, लिपस्टिक और रूज लगाया करते थे।
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Cleopatra - फोटो : Social Media
प्राचीन मिस्त्र के लोग मेकअप का इस्तेमाल सिर्फ सुंदरता को बढ़ाने के लिए नहीं करते बल्कि उनमें ये रिवाज के तौर पर देखा जाता है। इसके अलावा ये लोग अपनी सुंदरता दिनचर्या को बेहद गंभीरता से लेते हैं। सबसे परिष्कृत सौंदर्य अनुष्ठान मिस्त्र की अमीर महिलाओं के शौचालय से ही सामने आए हैं। 
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cleopatra - फोटो : social media
मध्य साम्राज्य (2030-1650 ई.पू.) के दौरान रहने वाली महिलाएं कोई भी मेकअप लगाने से पहले उसके लिए अपनी स्किन को तैयार किया करती थी। वे त्वचा को एक्सफोलिएट करने के लिए दूध में डेड सी साल्ट मिलाकर स्नान किया करती थी। इसके अलावा चेहरे पर दूध और शहद का मास्क सबसे लोकप्रिय उपचार था। 

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cleopatra - फोटो : social media
वे अपने अंडरआर्म्स में डियोड्रेंट की जगह अगरबत्ती का इस्तेमाल किया करती थी। अपनी त्वचा को कोमल बनाए रखने के लिए फूलों और मसालों से निकाले गए तेल को लगाया करती थी। इन्होंने ही शहद और चीनी के मिश्रण से वैक्सिंग करने की तरकीब का आविष्कार किया था। आज जिसे ब्यूटी कंपनी हॉट वैक्स के नाम से बेचा करती हैं।
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Cleopatra - फोटो : Social Media
इस सब के बाद मेकअप से जुड़ी सभी सामग्रियों को रखने के लिए जिन जार का इस्तेमाल किया जाता था वो अपने आप में काफी लेविश हुआ करते थे। परफ्यूम से लेकर आई पेंट को रखने के लिए कीमती पत्थर, कांच और सोने का इस्तेमाल कर जार बनाए जाते थे। कोहल और आईशैडो को तैयार करने के लिए सिल्टस्टोन पैलेट को क्रश किया जाता था।
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Cleopatra - फोटो : Social Media
आईशैडो को तैयार करने के लिए पशुओं की चर्बी या वनस्पति तेलों के साथ मैलाकाइट पाउडर मिलाया जाता था। उस समय रेगिस्तान की तेज धूप से आंखों की रक्षा करने के लिए महिला और पुरुष दोनों कोहल का इस्तेमाल किया करते थे। इसके अलावा इसे बुरी नजर का कवच भी माना जाता है। इसके अलावा आंखो में इस्तेमाल करने वाले कोहल को सीसा आधारित खनिज से बनाया जाता है, जिसमें एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज होती हैं। 
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lipstick
मेकअप के आखिर में फाइनल टच के लिए लाल लिपस्टिक का इस्तेमाल किया जाता था, जो आज भी क्लासिक लुक माना जाता है। इसे बनाने के लिए गेरू को पशु वसा या वनस्पति तेल में मिलाया जाता था। हालांकि मिस्त्र की रानी क्लियोपेट्रा परफेक्ट रेड लिपस्टिक शेड के लिए बीटल को कुचला करती थी।
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