इम्तियाज अली
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बॉलीवुड में नेपोटिज्म को लेकर तो बातें होती रहती हैं, ऐसी भी चर्चाएं होती है कि बाहर के जो कलाकार यहां आते हैं, स्थापित होने के बाद निर्माताओं को बहुत परेशान करते हैं ?
हर आदमी का एक विचार होता है। चाहे वह बाहर से आए या यहां का हो। कलाकार इतना सेंसिटिव होता है कि वह किसी को परेशान नहीं करता है। चाहे वो धरम जी का बेटा हो या किसी व्यापारी का, वह परेशान नहीं करेगा। कुछ लोगों का ऐसा स्वभाव होता है, जो परेशान करते है लेकिन ऐसा नहीं है कि बाहर के लोग ही परेशान करते हैं, यहां के लोग भी परेशान करते हैं। कभी कभी अगर किसी ने कुछ कर दिया तो उस पर इसीलिए आरोप लगाया जाएगा कि वह बाहर का है। यहां जो बाहर से आते हैं बहुत पक्के लोग होते हैं। काफी चीजें त्याग कर लोग आते है, ये जुनूनी लोगों का काम है, जब तक आप भावनाओं में बहोगे नहीं तब तक अच्छी कहानी कह नहीं पाओगे।