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लॉकडाउन इंटरव्यू: 'टॉयलेट साफ करने में भी आनंद है, कोरोना काल के बाद बदल जाएगी जिंदगी'

Thu, 16 Apr 2020 08:22 AM IST
शिप्रा सक्सेना रोहिताश सिंह परमार, मुंबई
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Sayani Gupta - फोटो : Mumbai, Amar Ujala
वेब सीरीज की अपनी एक अलग दुनिया है। इसके अपने अलग सितारे हैं। ये और बात है कि सिनेमा के तमाम बड़े सितारे भी अब ओटीटी के आसमान में चमकना चाहते हैं, लेकिन इस गैलेक्सी के तमाम चमकते सितारों में से एक नाम सबसे अलग है, और वह हैं शायोनी गुप्ता। प्राइम वीडियो की चर्चित सीरीज फोर मोर शॉस्ट प्लीज के दूसरे सीजन में भी शायोनी ने बदल चुके वक़्त की बदल चुकी बिंदास, बेलौस दोस्त बनी नजर आने वाली हैं।
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sayani gupta - फोटो : instagram
दूसरे सीजन की खासियत बताते हुए शायोनी कहती हैं, 'इस नए सीजन में चारों लड़कियों के बीच में दोस्ती काफी गहरी हो गई है। वे खुद में भी बहुत बदलाव महसूस कर रही हैं। ये सीजन पहले वाले से बहुत ज्यादा वास्तविक भी है। पहले सीजन के देखने पर जब लोगों ने बोला कि ये कहीं से वास्तविक नहीं दिखता। लोग इसमें कुछ ज्यादा ही मजे करते दिख रहे हैं। इसलिए इसके लेखक और निर्माताओं ने इसको थोड़ा वास्तविक रखने की कोशिश की है।'
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शायोनी गुप्ता - फोटो : file photo
छोटे से किरदार में भी जान डाल देने वाली शायोनी का इस शो का पिछला सीजन काफी उथल पुथल भरा रहा। इस सीजन में अपने किरदार के बारे में बताते हुए वह कहती हैं, 'इस सीजन में मेरे किरदार के साथ में भी बहुत उतार चढ़ाव देखने को मिलेंगे। वह अपने पेशेवर जीवन और व्यक्तिगत जीवन में भी काफी परेशानियों से गुजर रही है।'

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Sayani Gupta - फोटो : social media
इस शो के कलेवर को हिंदी सिनेमा से परे बताकर शायोनी कहती हैं, 'हमने अब तक हिंदी सिनेमा में जो देखा है, वह यह है कि हीरोइन को अक्सर हीरो पटा कर ले जाता है। वही उस पर हक जताता है। हीरोइन भी सारे काम सिर्फ हीरो के लिए ही करती है। जब इस शो की बात चल रही थी, तब लेखकों ने कहा था कि यह एक ऐसी कहानी है, जिसमें महिलाएं अपनी जिंदगी अपनी शर्तों पर जीती हैं। उनकी जिंदगी का पूरा कंट्रोल उनके हाथ में होता है। यहां उनकी जिंदगी पर कोई भी हस्तक्षेप नहीं करता है।'
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Sayani Gupta - फोटो : Social Media
आजकल की शहरी महिलाओं को शायोनी अपने शो में दिखाई गई महिलाओं के जैसा बताती हैं। वह कहती हैं, 'आजकल जो शहरी औरतें हैं, वो इस तरह की जिंदगी जी भी रही हैं। इस शो को देखने के बाद बहुत से लोगों ने हमें लिखा भी कि अब हम अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेते हैं, और हम अब अपने मुताबिक अपने करियर पर ध्यान दे रहे हैं। एक तरह से देखा जाए तो इस शो का मकसद सिर्फ इस बारे में होने वाली बातचीत को बढ़ावा देना है। मेरे हिसाब से सिनेमा में काफी बदलाव आया है। इससे लोगों की सोच बदलने में बहुत मदद मिलती है। इस शो के जरिए हम भी कुछ ऐसा ही करना चाहते हैं।'
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Sayani Gupta - फोटो : Social Media
दुनिया में इस समय कोरोना का कहर जारी है। सभी कलाकार अपने घरों में रहकर अपने शौक पूरे कर रहे हैं। शायोनी भी इस समय अपने शौक पूरे कर रही हैं। उन्होंने कहा, 'गीत गाना, रियाज करना, पेंटिंग करना ये सब मेरे शौक हैं। आजकल मैं इन्हीं को बेहतर करने में अपना समय बिता रही हूं। ये पहला मौका है जब पूरी दुनिया एक ही समस्या से जूझ रही है। सभी देश हथियार बनाने में इतना सारा पैसा खर्च करते हैं, लेकिन अब इन सब का क्या फायदा? एक छोटे से वायरस ने हमारी नाक में दम किया हुआ है। मेरा मानना है कि ये तो सिर्फ शुरुआत है। अगर मनुष्य सुधरे नहीं तो प्रकृति इससे और भी खतरनाक तरीके से लोगों को प्रताड़ित कर सकती है। ऐसे में सही यही है कि घर में बैठो, और इस स्थिति के बारे में ठंडे दिमाग से सोचो।'
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Sayani Gupta - फोटो : instagram
शायोनी ने कहा कि घर में जो कामवाली आकर सारा काम खत्म करके चली जाती है, इससे लोग बहुत आलसी हो गए हैं। उन्होंने कहा, 'लॉकडाउन के इस दौर में लोगों को काम करना पड़ रहा है, तो उन्हें समझ आ रहा है कि घर का काम करना कितना आसान या मुश्किल है? मुझे टॉयलेट साफ करने में बहुत दिक्कत होती थी। लेकिन कल जब मैंने टॉयलेट साफ किया तब मुझे एहसास हुआ कि ये करना कितना अच्छा है। हमें मौका मिला है खुद पर निर्भर रहने का। इसे हमें सकारात्मक लेना चाहिए। आगे चलकर ये हमारे बहुत काम आ सकता है। हम कहीं भी बिना किसी सहयोग के रह सकते हैं।'

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sayani gupta - फोटो : instagram
सिनेमा में अपशब्दों के इस्तेमाल पर शायोनी का मानना मिला जुला है। बाकी कलाकारों की तरह वह कहती हैं, 'गाली देना जरूरी नहीं है, लेकिन अगर जरूरत हो तो रोक टोक नहीं होनी चाहिए। ये कहानी पर निर्भर करता है कि वह किस तरह के परिवेश को दर्शा रही है। अगर शो 'मिर्जापुर' जैसा हो तो वे लोग बिना गाली के बात नहीं कर सकते, क्योंकि उनका परिवेश वैसा है। फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' का भी कुछ वैसा ही है। तो जैसा परिवेश है, उस हिसाब से तो जिस चीज की जरूरत हो, वह तो होनी ही चाहिए।'
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Sayani Gupta - फोटो : Social Media
हर कलाकार की जिंदगी का कोई न कोई एक टर्निंग प्वाइंट होता है, जहां से उसे लगता है कि अब मेरी जिंदगी बदल गई। शायोनी कि जिंदगी में वो बदलाव तब आया जब उन्होंने एफटीआईआई में दाखिल लिया। उन्होंने कहा, 'जब मैं एफटीआईआई में पढ़ने गई और वहां मैंने दाखिल लिया तो वो मेरी जिंदगी का एक टर्निंग प्वाइंट रहा है। मैंने वहीं से फिल्मों में काम करना शुरू किया और वहीं से मैंने फिल्मों को करीब से जाना।' शायोनी की शुरुआत एक अंतर्राष्ट्रीय फिल्म के लिए ऑडिशन देने से हुई। उन्होंने बताया, 'मैंने अपना पहला ऑडिशन फिल्म 'लाइफ ऑफ पाई' के लिए था लेकिन मुझे जाहिर है कि काम नहीं मिला। उस समय मैं एफटीआईआई की पहली साल की छात्रा थी। वहां से निकलने के बाद मैंने अपना पहला ऑडिशन वाटर प्यूरीफायर के विज्ञापन लिए दिया। वह मेरा जिंदगी में पहला काम था।'

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