Ramayan
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रविवार सुबह मचती अफरातफरी
कोई भी धारावाहिक जब बनता है तो इसे बनाने वाली कंपनी के साथ साथ जिस चैनल पर ये प्रसारित होता है, उसकी क्रिएटिव टीम भी स्क्रिप्ट लिखे जाने से लेकर शूटिंग और एडीटिंग तक साथ लगी रहती है। लेकिन, ये कोशिश हाल के बरसों में शुरू हुई है, पहले निर्माता धारावाहिक एपीसोड बनाकर भेज देता था और चैनल को अगर कोई आपत्ति होती थी निर्माता को वह हिस्सा फिर से शूट करना होता था। ऐसा ही कुछ रामायण के साथ भी होता था। रामानंद सागर अपना एपीसोड भेज देते। दूरदर्शन वाले अपने हिसाब से उसे देखते और फिर करेक्शन बताते। इंटरनेट वगैरह तब था नहीं, बस टेप ही आती जाती थी। ऐसे में कई कई बार रामायण का फाइनल कैसेट दूरदर्शन तक शो शुरू होने के ठीक पहले ही पहुंच पाता था।