चंद्रघंटा स्वरूप में गरिमा परिहार
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
गरिमा बताती हैं, देवी चन्द्रघण्टा 10 हाथों में सशस्त्र से सुस्सजित देवी हैं, जिनके माथे पर अर्धचंद्र बना हुआ है, वह बाघ की सवारी करने और सभी दुष्टों का विनाश करने के लिए जानी जाती हैं। देवी कूष्मांडा, जीवन की वो शक्ति हैं, जो लोगो को महत्वपूर्ण फैसले लेने और अपनी बुद्धि की क्षमताओं को समझने की शक्ति के लिए आशीर्वाद देती हैं। देवी स्कन्दमाता चार भुजाओं वाली कमल पर विराजमान देवी है और उन्होंने छोटे कार्तिकेय को अपनी गोद में लिया है। वह कर्म और व्यवहारिक ज्ञान का प्रतीक हैं। देवी कात्यायनी, जो एक प्रसिद्ध योद्धा के रूप में जानी जाती है, वह शेर की सवारी करती हैं और उनके हाथ में तलवार है। वह अज्ञानता और अन्याय के खिलाफ सकारात्मक क्रोध का एक रूप हैं।