सदी के महानायक का तमगा पा चुके अमिताभ बच्चन की अपने शो 'कौन बनेगा करोड़पति' में गाई एक कविता ‘कब तक रोकोगे’को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लिखी कविता बताकर भारतीय जनता पार्टी ने मुंबई एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में एक नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है। केबीसी के लेखक आर डी तैलंग ने इसके विरोध में सोशल मीडिया पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई तो इंडस्ट्री के तमाम लेखक उनके समर्थन में आ खड़े हुए हैं।
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तैलंग ने अपने सोशलम मीडिया अकाउंट पर दो दिन पहले एक पोस्ट लिखी। इस पोस्ट के मुताबिक, ‘जब मैंने केबीसी के होस्ट अमिताभ बच्चन के गायन के लिए ये कविता पिछले सीजन में लिखी तो मैं मुतमईन था कि ये कविता भले एक शो के लिए लिखी गई हो पर ये आम आदमी की कविता है। ये एक ऐसी कविता है जिससे हर पुरुष या महिला अपने दैनिक जीवन के संघर्ष से जोड़ सकता है। ये आम आदमी दुनिया के किसी भी कोने से हो सकता है।'
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RD Tailang
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आगे लिखा- 'हमारे देश के प्रधान सेवक एक आम आदमी की लिखी केबीसी की इस कविता से खुद को इतना जोड़ते हैं कि उनकी पार्टी इसका इस्तेमाल राजनीतिक प्रचार करने का फैसला करती है। लेकिन, उनकी मूल जानकारी गलत है। उनकी पार्टी के लोग ये दावा कर रहे हैं कि ये कविता मूल रूप से मोदी जी ने गुजराती में लिखी थी लेकिन तथ्य गलत नहीं हो सकते। ये केबीसी के दर्शकों के लिए मिस्टर बच्चन की गाई कविता है और हमेशा रहेगी। इसके बोल केबीसी के सभी दर्शकों के लिए मेरे लिखे हुए हैं।’
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केबीसी से इसकी शुरूआत से जुड़े रहे लेखक आर डी तैलंग की इस पोस्ट के बाद हिंदी मनोरंजन जगत के तमाम लेखकों ने ये पोस्ट शेयर करनी शुरू कर दी। और, इस कविता का लेखक नरेंद्र मोदी को बताने पर ट्वीट करने वाली भाजपा नेता पूनम भट्ट को निशाना भी बनाया गया। सोशल मीडिया पर दबाव बढ़ता देख पूनम भट्ट ने अपनी पुरानी ट्वीट के लिए बुधवार को माफी मांगी और इस बारे में एक और ट्वीट की। इस ट्वीट में आर डी तैलंग को इस कविता का कंपोजर बताया गया।
तैलंग ने इस ट्वीट के बाद लिखा है, ‘चलो गिले शिकवे खत्म। बस एक करेक्शन है। इन्होंने मुझे ये कविता कंपोज करने का क्रेडिट दिया है। जबकि इस कविता का संगीत खुद अमिताभ बच्चन ने आदित्य पुष्करणा और रोहन विनायक की मदद से तैयार किया।’