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Abhishek Nigam Interview: बड़ी-बड़ी जगहों पर पक्षपात भी देखने को मिलता है, टीवी में ऐसा कुछ भी नहीं है

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अभिषके निगम - फोटो : अमर उजाला
सात साल पहले धारावाहिक ‘अकबर: रक्त से रक्त तक’ से छोटे परदे पर डेब्यू करने वाले अभिनेता अभिषेक निगम की अभिनय यात्रा अब एक नए मोड़ पर है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जन्मे अभिषेक निगम को धारावाहिक ‘हीरो: गायब मोड ऑन’ ने घर घर तक पहुंचाया। और, उनकी इसी शोहरत को सोनी चैनल ने अपने नए धारावाहिक ‘पुकार: दिल से दिल तक’ में नई धार दी है। सोमवार से शुरू होने जा रहे इस धारावाहिक के पहले एपिसोड के प्रसारण से पहले अभिनेता अभिषेक निगम ने ‘अमर उजाला’ से की ये खास मुलाकात।
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पुकार: दिल से दिल तक - फोटो : अमर उजाला

‘पुकार: दिल से दिल तक में अपने किरदार के बारे में बताइए?
इस धारावाहिक का मेरा किरदार काफी आदर्शवादी है। मेरे किरदार का नाम सागर है और जिस महेश्वरी परिवार की ये कहानी है, मैं उसके इकलौते वारिस का चरित्र निभा रहा हूं। वह हमेशा सही का साथ देता है। सागर अपनी चाची वेदिका और कोयल से जुड़ा हुआ है। सागर को एक यूनिवर्सल किरदार बनाने की कोशिश की गई है।

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अभिषेक निगम - फोटो : सोशल मीडिया

बड़े परदे पर लोगों ने आपको फिल्म ‘पानीपत’ में भी देखा, सिनेमा को लेकर आपका क्या अनुभव रहा है अब तक?
एक कलाकार होने के नाते मुझे जैसी-जैसी चीजें मिलती गईं और जहां-जहां से ऑफर आते गए, मैंने काम करना जारी रखा। मैंने बड़े परदे से मुंह नहीं मोड़ा है लेकिन मुझे अब समझ में आने लगा है कि बड़ी-बड़ी जगहों पर पक्षपात भी देखने को मिलता है। टीवी में ऐसा कुछ भी नहीं है इसलिए जहां भी मुझे अच्छा काम करने को मिल रहा है, मैं कर रहा हूं।

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अभिषेक निगम - फोटो : सोशल मीडिया

तो क्या इसीलिए आप फिल्म ‘पानीपत’ के बाद फिल्मों में नजर नहीं आए?
नहीं ऐसा नहीं है। मैं टीवी पर काफी सारे शोज भी करने लगा था। मैं भी चाहता हूं कि मैं बड़े परदे पर आकर दर्शकों का मनोरंजन करूं। लेकिन, ये काम जिस किसी भी माध्यम से मैं कर सकता हूं तो जरूर करूंगा, फिर चाहे वह टीवी हो, फिल्में हों या ओटीटी। एक कलाकार होने के नाते मैं खुद को सीमित नहीं रखना चाहता हूं।

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अभिषेक निगम - फोटो : सोशल मीडिया

आपके नए धारावाहिक ‘पुकार: दिल से दिल तक’ के प्रोमो में आपके किरदार का खुलासा नहीं किया गया है। ऐसा क्यों?
हम दर्शकों के सामने एक सस्पेंस बना कर रखना चाहते हैं ताकि जैसे-जैसे शो आगे बढ़े, दर्शकों का उत्साह भी बढ़े और वे मेरे किरदार की यात्रा का अनुसरण करें। इस शो में मुझे थोड़ा गंभीर दिखना था तो लुक्स को लेकर मुझे कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।

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अभिषेक निगम - फोटो : सोशल मीडिया

शो में आपकी भूमिका को प्यार में विश्वास नहीं है तो आपके लिए प्यार के क्या मायने हैं?
मेरे लिए प्यार की परिभाषा है, हमेशा साथ रहना। उनके लिए अच्छा सोचना। उनके पीठ-पीछे अच्छी बातें करना और जितना हो सके एक दूसरे का साथ निभाना।

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सिद्धार्थ निगम और अभिषेक निगम - फोटो : सोशल मीडिया

आपके भाई सिद्धार्थ निगम भी अभिनेता हैं, क्या आप उन्हीं का अनुसारण करते हुए अभिनय की दुनिया में आए?
यह पूरा सच नहीं है। कुछ चीजें ऐसी होती है तो आपकी जिंदगी के लिए ही लिखी गई होती हैं और इसे किस्मत कहते हैं। मुझे लगता है कि मेरा इंडस्ट्री में आना तय था। मैं पढ़ाई में अच्छा रहा हूं और भाई जिमनास्ट में। मुझे लगता है कि जैसे-जैसे चीजें होती गईं, मैंने इसे स्वीकार किया और आगे बढ़ता चला गया।

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अभिषेक निगम - फोटो : सोशल मीडिया

आपका शो राजस्थान की पृष्ठभूमि पर आधारित है और राजस्थान में आज भी लड़कियों को ज्यादा स्वतंत्रता नहीं है। क्या आपका शो बेटियों को एक नई दिशा दिखाएगा?
ये बात सही है कि हमारा शो महिला केंद्रित है। लेकिन, इसकी कहानी ऐसी है कि एक तरफ अगर एक महिला अत्याचार कर रही है तो दूसरी उसे सहन नहीं कर रही है। हमारा शो महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा दे रहा है। वेदिका पेशे से वकील हैं तो शो में बेटियों के लिए पढ़ाई कितनी जरूरी होती है यह भी दिखाया गया है। वहीं कोयल के किरदार के जरिए बेटियों को चालाक होना और हाजिर जवाब होना भी सिखाया गया है। मुझे लगता है यह शो दर्शकों के लिए कारगर रहेगा।

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