अर्चना पूरन सिंह
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अर्चना पूरन सिंह ने कहा, ''हमे तो हर हाल में हंसना पड़ता है। लेकिन हमारे हंसी के पीछे कभी कभी दर्द भी बहुत होता है, जो लोगों को नजर नहीं आता। वो कहते हैं न, शो मस्ट गो ऑन। कभी-कभी मजबूरी में भी आपको हंसना पड़ता है। यही तो कलाकार का जीवन है। आज भी उस घटना को जब याद करती हूं, तो मेरे आंखों में आंसू आ जाते हैं। जब मैं कॉमेडी सर्कस की शूटिंग कर रही थी, तब मेरी सासु मां बहुत बीमार थीं। उनका अंबानी अस्पताल में इलाज चल रहा था और मुझे शूटिंग पर जाना था। मैं शूटिंग पर गई और शाम तकरीबन शाम छह बजे मालूम पड़ा कि उनका देहांत हो गया। मैंने शूटिंग वालों को बोला कि मुझे तुरंत जाना होगा। मेरी मदर इन लॉ का देहांत हो गया है। उन्होंने कहा, मैम! आप 15 मिनट में फटाफट अपना रिएक्शन देकर जा सकती हैं। मेरे सारे रिएक्शन हंसने वाले होते थे। पंच, बड़ा पंच, छोटा पंच, छोटा लाफ्टर, मीडियम लाफ्टर, बड़ा लाफ्टर, ऐसा करके मैंने 15 मिनिट की शूटिंग की। उस वक्त जोर-जोर से हंस रही थी, जबकि मुझे अंदर से फूट-फूटकर रोना आ रहा था, पर रो भी नहीं सकती थी। मुझे सबसे ज्यादा मुश्किल समय यही लगा। लेकिन वह मेरी मजबूरी थी, भगवान ऐसी सिचुएशन में किसी को न डालें।