आमतौर पर देखा जाता है कि कपिल शर्मा के पॉपुलर कॉमेडी शो में बॉलीवुड की बड़ी हस्तियां शिरकत करती हैं। इस बार प्रसिद्ध कवि डॉ. राहत इंदौरी और हास्य कवि प्रोफेसर अशोक चक्रधर ने शिरकत की। बता दें डॉ. इंदौरी हालांकि पहले भी कपिल के शो में आ चुके हैं और कई सारी गजलें सुनाकर महफिल लूट चुके हैं। उस दौरान नवजोत सिद्धू उनके पैर छूने के बाद ये कहने को मजबूर हो गए थे, ये उनकी जिंदगी का दूसरा सबसे यादगार शो है। पहले भी उसने वडाली ब्रदर्स का नाम लिया था। वहीं प्रोफेसर अशोक चक्रधर पहली बार शामिल हुए। दोनों ने कपिल शर्मा के शो में दोनों ने चार चांद लगा दिये। इस बार भी कई रोचक किस्से सुनने को मिले।
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राहत इंदौरी(फाइल फोटो)
- फोटो : file photo
कपिल शर्मा शो में इस बार की शाम कवियों के नाम रही। जब कपिल शर्मा ने राहत इंदौरी से पूछा कि आपकी तबियत कैसी है तो राहत साहब ने इसका जबाव भी एक शेर के साथ ही दिया।
उन्होंने कहा कि, 'बन गयी जब आंख तो हम फिर से इतराने लगे
ऑपरेशन हो गया जलवे नजर आने लगे'।
कपिल शर्मा के कहने पर डॉ. इंदौरी चार लाइनें सुनाते हैं... मेरे हुजरे में नहीं, और कहीं पर रख दो,
आसमां लाए हो, लाओ, जमीं पर रख दो
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राहत इंदौरी
- फोटो : वेबदुनिया
बीच में टोकते हुए कपिल कहते हैं कि क्या घर में आपकी पत्नी भी कहती होगी...कैश लाए हो तो अलमारी में रख दो राहत, कपिल के इस मजाक से प्रभावित होते हैं और उनकी हाजिरजवाबी से प्रभावित होते हैं और अगली लाइनें बोलते हैं.... कहां ढूंढने जाओगे हमारे कातिल
आप तो कत्ल का इल्जाम हमीं पर रख दो...
वहीं राहत इंदौरी ने नौजवानों के लिए भी एक शेर कहा कि, 'राज जो कुछ हो इशारों में बता भी देना
जब हाथ उससे मिलाना तो दबा भी देना' ।
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ashok chakradhar
- फोटो : file photo
इस पर ऑडियंस ने खूब ठहाके लगाये। वहीं कपिल ने राहत इंदौरी से पूछा कि आप इस उम्र में ये सब कैसे सोच लेते हैं? तो इंदौरी जी ने बेहतरीन जबाब दिया कहा कि, 'आदमी बूढ़ा दिमाग से होता है, दिल से नहीं,'। कपिल शर्मा के शो में राहत इंदौरी के साथ प्रख्यात कवि प्रोफेसर अशोक चक्रधर ने भी अपनी लाइफ के कई राज भी खोले। अशोक चक्रधर ने कहा कि उनके फैमिली में सिर्फ वो ही कवि नहीं है बल्कि उनकी पत्नी, ससुर भी बड़े साहित्यकार हैं।
कपिल के शो में अशोक चक्रधर ने एक किस्सा शेयर किया कि शो में कभी कभी तो उन्हें अच्छी पेमेंट मिलती है मगर कभी-कभी ऐसा नहीं होता है। कुछ शो के दौरान ये होता है कि खातिरदारी तो खूब अच्छी होती है मगर शो खत्म होने के बाद पेमेंट किए बिना आयोजक भाग जाते हैं तो सभी कवि जीप किराये पर लेकर शहरभर में अनाउंसमेंट कर आयोजक को ढूंढते हैं।