Khatron Ke Khiladi
- फोटो : Mumbai, Amar Ujala
अमर उजाला से खास बातचीत में धर्मेश कहते हैं, 'आप जितनी भी तैयारी करके जाओ, लेकिन वहां सब धरी रह जाती है। धमाके के बीच में खड़े रहना, बिना दरवाजे के हेलीकाप्टर से नीचे फेंकना। सुरक्षा सब है लेकिन टास्क करने के लिए दिल तो गवाही नहीं देता न। हर रोज चुनौतीपूर्ण टास्क होते हैं। ऐसा लगता है जैसे रोज सुबह उठकर आत्महत्या करने जा रहे हैं लेकिन उसका एक अलग ही मजा है।'