स्मृति ईरानी, रूपल पटेल
- फोटो : सोशल मीडिया वायरल
‘साथ निभाना साथिया’ का पिछला सीजन 2017 में खत्म हुआ था, ये कार्यक्रम हाल ही में एकदम से सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया, जब इसकी एक लाइन ‘रसोड़े में कौन था’ को सोशल मीडिया पर जबर्दस्त चर्चा मिल गई। कुछ नेताओं ने टीवी बहस में भी इसका इस्तेमाल किया। इस लाइन पर मीम बने और यशराज मुखाटे नाम के मीम क्रिएटर ने तो इस पर गाना ही बना डाला। स्टार प्लस के सूत्र बताते हैं कि ये सारा जतन जानबूझकर किया गया और इससे शो की लॉन्चिंग से पहले दर्शकों के मनोभावों की टेस्टिंग भी हो गई। सोशल मीडिया और इंटरटनेट के जरिए नागरिकों के मनोभाव परखने वालों का मानना है कि भारत के अधिकतर नागरिक अब कोरोना के साथ ही जीने का मन बना चुके हैं। इनमें से ज्यादातर बाहर जाते समय सावधानियां भी बरत रहे हैं औऱ जिनको बाहर काम नहीं है वे घर पर ही रहना ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कोरोना काल में टीवी और ओटीटी की दर्शकों में हुआ इजाफा टीवी और वेब सीरीज बनाने वालों के लिए नए मौके भी लेकर आया है।