कविता कौशिक
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धारावाहिक 'एफआईआर' में आपकी जो हरियाणवी बोली है, उसका फायदा यहां मिलने के आसार हैं?
मुझे लगता है कि मेरी उस हरियाणवी बोली से लोग डरते कम हैं और प्यार ज्यादा करते हैं। हम सिर्फ शो में ऐसा लिखा देते थे कि मुझसे लोग डरते हैं। जबकि, ऐसा है नहीं। लॉकडाउन से पहले मैं एक शादी में गई थी। तो, जो वहां दूल्हा था, उसके पिताजी मुझसे कहते हैं कि कविता जी, मेरे दोस्त को सबक सिखाने के लिए आप एक चांटा मार दो। मैं सोच रही थी कि एक उम्रदराज आदमी को मैं थप्पड़ कैसे लगा सकती हूं। तो, मुझे कहीं न कहीं ऐसा लगा कि लोगों को मेरे उस रौबीले अंदाज में भी प्यार नजर आता है। मैं आशा करती हूं कि जितनी मस्ती मैं अपने किरदार चंद्रमुखी चौटाला में करती थी, वही मस्तियां मेरे काम यहां पर भी आएं। वह किरदार हकीकत में मुझसे काफी मेल खाता है।