deepak thakur and sourabh
दीपक कहते हैं- 'मैंने रोमिल से कहा था कि जलोटा जी को कुछ ऐसा बोलना कि वो भावुक हो जाए।' दीपक आगे कहते हैं - 'मैंने रोमिल से कहा था कि तुम कहना - जैसे आप महाराज हैं। उसी तरह दुनिया पर राज करने वाले है। जैसे खाने में, खाने के बाद पानी पीने के लिए चाहिए लोटा, उसी तरह संगीत के लिए बहुत बहुत जरूरी है जलोटा'। दीपक की बाते सुनकर सौरभ का हंसते हंसते बुरा हाल हो जाता है वहीं दीपक भी उनके साथ ठहाके लगाते हुए हंसने लगते हैं।