aman verma
आगे अमन वर्मा ने कहा कि, 'मां की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई थी और ज्यादा वजन और हाइपरटेंशन जैसी बीमारी के चलते उनके शरीर में कई समस्याएं हो गई थीं। पांच दिनों बाद उनके शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा काफी कम हो गई थी। इसके बाद वो हो गया जिसके हमें डर था, वो हमेशा के लिए इस दुनिया से चली गईं। उनके अंतिम संस्कार के वक्त मुझे समझ आ गया कि पैनडैमिक कितना ज्यादा खराब है और इसकी दूसरी लहर कितनी भयावह है। जिस तरह से एम्बुलेंस की लाइन लगी थी वो दिल तोड़ देने वाला था। अंतिम संस्कार के लिए ऐसी भीड़ लग गई थी कि उन लोगों ने कोविड और नॉन कोविड शवों का एक साथ ही अंतिम संस्कार किया'।