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Shailesh Lodha: शैलेश लोढ़ा की बदौलत हजारों पाने वाले कवियों की कीमत हुई लाखों, अभिनेता ने ऐसे बदली इनकी किस्मत

Fri, 08 Nov 2024 11:14 AM IST
साक्षी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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Shailesh Lodha - फोटो : अमर उजाला
'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में मेहता साहब का किरदार निभाकर मशहूर हुए शैलेश लोढ़ा के पास हुनर का खदान है। भले ही वे अब 'तारक मेहता' शो छोड़ चुके हैं, लेकिन आज भी शैलेश लोगों के प्यारे मेहता साहब हैं। शैलेश ने यूं तो अपनी जिंदगी में कई तरह के रंग देखे हैं, लेकिन उन्होंने कई कवियों की जिंदगी में उमंग और तरक्की के रंग भी भरे हैं। शैलेश मुख्य तौर पर एक कवि हैं और उनकी पहचान भी यही है। बचपन से कवि बनने का सपना देखने वाले शैलेश ने अभिनय में भी अपनी कामयाबी के झंडे गाड़े। आज शैलेश अपना 55वां जन्मदिन मना रहा हैं। चलिए इस खास मौके पर बताते हैं उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ खास बातें...
 
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शैलेश लोढ़ा - फोटो : इंस्टाग्राम: @iamshaileshlodha
बचपन में ही बने 'बाल कवि'
शैलेश लोढ़ा का जन्म 8 नवंबर 1969 में राजस्थान के जोधपुर में हुआ। मारवाड़ी परिवार में जन्मे शैलेश लोढ़ा के पिता श्याम सिंह लोढ़ा एक सरकारी कर्मचारी थे और उनकी मां शोभा लोढ़ा को हिंदी लिखने और पढ़ने का बहुत शौक था। बचपन में उन्हें बाल कवि का तमगा मिल गया था। शैलेश लोढ़ा को कविता लिखने का हुनर अपनी मां से ही मिला, लेकिन परिवार का ग्लैमर वर्ल्ड से कोई नाता नहीं था। उनके परिवार की सोच थी तो केवल ये कि शैलेश पढ़ लिख कर एक अच्छी नौकरी पर लग जाएं। हुआ भी कुछ ऐसा ही, शैलेश ने माता पिता की इस नसीहत को मान नौकरी पकड़ ली। हालांकि, बेमन नौकरी करते हुए शैलेश का मन ऊब गया और फिर उन्होंने अपने लिए कुछ करने की ठान ली।
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शैलेश लोढ़ा - फोटो : इंस्टाग्राम: @iamshaileshlodha
नौकरी छोड़ बने कवि
आखिरकार कर एक दिन फैसला किया और बोरिया बिस्तर समेत शैलेश मुंबई आ गए। शैलेश नौ साल की उम्र से ही कविता लिखते थे और मंच पर कवि सम्मलेन भी करते थे। ऐसे में शैलेश बतौर कवि बड़ा मंच खोजते हुए मायानगरी आ गए और यहां कवि के तौर पर अपना करियर शुरू किया। शैलेश हर तरह की कविताएं लिखने और सुनाने में बचपन से माहिर थे। ऐसे में अब उन्होंने मुंबई में अपना करियर बनाने के लिए कवि के साथ-साथ अभिनय का गुण भी जोड़ लिया। उन्होंने मुंबई में लिखना तो जारी रखा ही, साथ ही अभिनय की कक्षाएं भी लीं। फिर उन्हें मौका मिला 'कॉमेडी सर्कस 2' में, जहां उन्होंने हास्य कवि के तौर पर प्रतियोगी के रूप में लोगों को कविताएं सुनकर हंसाया भी और अभिनय से उनका मनोरंजन भी किया।

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शैलेश लोढ़ा - फोटो : इंस्टाग्राम: @iamshaileshlodha
कवि के पेशे को इंडस्ट्री में दिलाई जगह
धीरे-धीरे शैलेश साहित्य और अभिनय की दुनिया में नाम बनाते चले गए। शैलेश ने अपने लिए रास्ते तो खोले ही, लेकिन अपने साथ-साथ वे अन्य कवियों की किस्मत भी चमका गए। दरअसल, उस दौर में केवल अभिनय को प्राथमिकता दी जाती थी और लोगों का ध्यान अभिनेता ही आकर्षित करते थे। ऐसे में टीवी पर पहले भी बहुत कवि आए, लेकिन उनका मुकाम ऊंचाई तक नहीं पहुंच पाया। उन कवियों को खास तवज्जो नहीं मिलती थी। हजार-हजार रुपये पाकर वे शो किया करते थे। फिर शैलेश ने इस पेशे को इंडस्ट्री में खास पहचान दिला दी। बतौर कवि शैलेश ने लाखों लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
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शैलेश लोढ़ा - फोटो : इंस्टाग्राम: @iamshaileshlodha
'वाह वाह क्या बात है' शो को किया होस्ट
मायानगरी में कवि सम्मेलन जैसे शोज का हिस्सा बनने के लिए हरियाणा और राजस्थान के कई कवि आते और हजारों रुपये का वेतन पाकर अपनी वर्षों की मेहनत से लिखी कविता को सुनाते। वहीं, इस पेशे में शैलेश ने हवा का रुख बदला और अभिनय के साथ-साथ कवि सम्मेलनों में कविताएं और शायरियां सुनानी शुरू कीं। इसके बाद में मुख्य कवि सम्मेलन पर आधारित शो 'वाह वाह क्या बात है' में नजर आए, जिसकी कमान उन्होंने संभाली। इसमें बतौर होस्ट उनके साथ उनकी 'तारक मेहता' की सह-कलाकर और शो में उनकी पत्नी अंजलि मेहता का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री नेहा मेहता भी दिखीं। इस शो में लुक लोकप्रियता हासिल की और यह सैकड़ों कवियों की उम्मीद बन गया, जिसने कई कवियों को मंच प्रदान किया और उनकी प्रतिभाओं को दुनिया के सामने लाने में मदद की।
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शैलेश लोढ़ा - फोटो : इंस्टाग्राम: @iamshaileshlodha
कवियों के लिए ढाल बने शैलेश
यह हास्य कवि धारावाहिक सोनी सब पर प्रसारित होता था। जिस पर दूर-दूर से लोग अपना हुनर दिखाने आते थे। इस शो की बदौलत कई कवियों को खूब पहचान भी मिली और जिन कवियों की प्रतिभाएं अब तक इंडस्ट्री में छिपी हुई थीं, उसे भी इंडस्ट्री में भी जगह मिली। कवियों के पेशे को भी तवज्जो मिली, जिसके बाद कवियों को भी बढ़ चढ़कर खूब पैसे मिलने लगे और वे हजारों की जगह लाखों रुपये पाने लगे। शैलेश लोढ़ा ने कवि के पेशे को मजबूती के साथ इंडस्ट्री में जगह दिलाई, जिसकी बदौलत कई अन्य कवियों का करियर बन गया। इसके बाद शैलेश ने 'मेहता साहब' बनकर भी इंडस्ट्री में खूब लोकप्रियता हासिल की।
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